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प्रश्न
यदि अपोहन लम्बे समय तक किया जाए तो क्या होता है?
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उत्तर
वैद्युत् अपघट्य की अल्प मात्रा कोलॉइड को स्थायी बनाती है। अधिक समय तक अपोहन करने से वैद्युत् अपघट्य पूर्ण रूप से हट जाता है, जिससे कोलॉइड अस्थायी होकर अवक्षेपित हो जाता है।
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कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) रक्षी कोलॉइड | (a) \[\ce{FeCl3 + NaOH}\] |
|
(ii) द्रव-द्रव कोलॉइड |
(b) द्रवरागी कोलॉइड |
| (iii) धन आवेशित कोलाँइड | (c) पायस |
| (iv) ऋण आवेशित कोलॉइड | (d) FeCl3 + गरम जल |
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) अपोहन | (a) साबुन की मार्जन क्रिया |
| (ii) पेप्टन | (b) स्कंदन |
| (iii) पायसीकरण | (c) कोलॉइडी सॉल बनना |
| (iv) वैद्युत कण-संचलन | (d) शुद्धिकरण |
