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प्रश्न
निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –
स्कदंन
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उत्तर
स्कदंन (Coagulation) – किसी कोलॉइडी विलयन अर्थात् सॉल को स्थायी बनाने के लिए उसमें अल्प-मात्रा में विद्युत-अपघट्य मिलाना आवश्यक होता है, परन्तु विद्युत अपघट्य की अधिक मात्रा कोलॉइडी विलयन का अवक्षेपण कर देती है। कोलॉइड विलयनों को विद्युत-अपघट्य के विलयनों द्वारा अवक्षेपित करने की क्रिया को स्कदंन कहते हैं। इस क्रिया में कोलॉइडी कणों की सतह पर विद्युत-अपघट्य से उनकी प्रकृति के विपरीत आवेशित आयन अधिशोषित हो जाता है। जिससे उनका आकार बढ़ जाता है, फलस्वरूप वे अवक्षेपित (स्कदिंत) हो जाते हैं; जैसे- As2S3 सॉल में विद्युत-अपघट्य BaCl2 डालने पर, As2S3 स्कन्दित (अवक्षेपित) हो जाता है क्योंकि विद्युत अपघट्य (BaCl2 Ba2+ + 2Cl–) के Ba2+ आयन As2S3 के ऋणात्मक आवेश को उदासीन कर देते हैं, फलस्वरूप उसका आकार बढ़ जाता है और वह अवक्षेपित हो जाता है।
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