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प्रश्न
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) अपोहन | (a) साबुन की मार्जन क्रिया |
| (ii) पेप्टन | (b) स्कंदन |
| (iii) पायसीकरण | (c) कोलॉइडी सॉल बनना |
| (iv) वैद्युत कण-संचलन | (d) शुद्धिकरण |
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उत्तर
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) अपोहन | (d) शुद्धिकरण |
| (ii) पेप्टन | (c) कोलॉइडी सॉल बनना |
| (iii) पायसीकरण | (a) साबुन की मार्जन क्रिया |
| (iv) वैद्युत कण-संचलन | (b) स्कंदन |
स्पष्टीकरण -
(i) कोलाइड का शुद्धिकरण डायलिसिस द्वारा किया जा सकता है जिसमें आयनों/कणों को अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से विलयन से हटा दिया जाता है।

(ii) पेप्टाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें अवक्षेप में इलेक्ट्रोलाइट (पेप्टाइजिंग एजेंट) की थोड़ी मात्रा डाली जाती है। इससे कोलॉइडी विलयन बनता है।
(iii) कपड़े से तैलीय या चिकनाईयुक्त गंदगी को निकालने की प्रक्रिया पायसीकरण द्वारा की जाती है।
(iv) कोलॉइडी कणों के जमने की प्रक्रिया को स्कंदन कहते हैं। वैद्युतकणसंचलन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें सॉल में डूबे हुए इलेक्ट्रोड पर विद्युत क्षमता लागू करने पर, कोलाइडल घोल के विपरीत आवेशित कण विपरीत आवेशित इलेक्ट्रोड की ओर बढ़ते हैं, डिस्चार्ज हो जाते हैं और अवक्षेपित हो जाते हैं।
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