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प्रश्न
कोलॉइडों को निम्नलिखित आधार पर कैसे वर्गीकृत किया गया है?
परिक्षिप्त प्रावस्था एवं परिक्षेपण माध्यम के मध्य अन्योन्यक्रिया।
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उत्तर
परिक्षिप्त प्रावस्था एवं परिक्षेपण माध्यम के मध्य अन्योन्यक्रिया (Interaction between dispersed phase and dispersion medium) – परिक्षिप्त प्रावस्था एवं परिक्षेपण माध्यम के मध्य अन्योन्यक्रिया के आधार पर कोलॉइडी सॉल को दो वर्गों में विभाजित किया जा सकता है- द्रवरागी (विलायक को आकर्षित करने वाले) एवं द्रवविरागी (विलायक को प्रतिकर्षित करने वाले)। यदि परिक्षेपण माध्यम जल हो तो इन्हें क्रमश: जलरागी एवं जलविरागी कहा जाता है।
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निम्नलिखित परिस्थितियों में क्या प्रेक्षण होंगे?
जब प्रकाश किरण पुंज कोलॉइडी सॉल में से गमन करता है।
निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।
ऐल्कोसॉल
निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।
ऐरोसॉल
कोलॉइडी विलयन के अणुसंख्य गुणों के मान उसी सांद्रता के वास्तविक विलयन के मानों की तुलना में कम होते हैं, क्योंकि कोलॉइडी कण ______।
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- द्रवविरागी सॉल का रक्षण होता है ।
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