Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –
टिन्डल प्रभाव
Advertisements
उत्तर
टिन्डल प्रभाव (Tyndall effect) – जिस प्रकार अँधेरे कमरे में प्रकाश की किरण में धूल के कण चमकते हुए दिखाई पड़ते हैं, उसी प्रकार लेन्सों से केन्द्रित प्रकाश को कोलॉइडी विलयन पर डालकर समकोण दिशा में रखे एक सूक्ष्मदर्शी से देखने पर कोलॉइडी कण अँधेरे में घूमते हुए दिखाई देते हैं। इस घटना के आधार पर वैज्ञानिक टिन्डल ने कोलॉइडी विलयनों में एक प्रभाव का अध्ययन किया जिसे टिन्डल प्रभाव कहा गया, अतः कोलॉइडी कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन (scattering of light) के कारण टिन्डल प्रभाव होता है।

टिन्डल प्रभाव
कोलॉइडी कणों का आकार प्रकाश की तरंगदैर्घ्य (wavelength of light) से कम होता है, अतः प्रकाश की किरणों के कोलॉइडी कणों पर पड़ने पर कण प्रकाश की ऊर्जा का अवशोषण करके स्वयं आत्मदीप्त (self-illuminate) हो जाते हैं। अवशोषित ऊर्जा के पुनः छोटी तरंगों के प्रकाश के रूप में प्रकीर्णत होने से नीले रंग का एक शंकु दिखता है जिसे टिन्डल शंकु (Tyndall cone) कहते हैं और यह टिन्डल घटना कहलाती है।
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित परिस्थितियों में क्या प्रेक्षण होंगे?
जब प्रकाश किरण पुंज कोलॉइडी सॉल में से गमन करता है।
ताजा बना अवक्षेप किसके द्वारा कभी-कभी कोलाँइडी विलयन में परिवर्तित हो जाता है?
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
- दो विपरीत आवेश वाले सॉलों को मिलाने से उनके आवेश उदासीन हो जाते हैं और कोलॉइड स्थायी हो जाता है।
- कोलॉइड कणों पर बराबर और एक जैसा आवेश कोलॉइडों को स्थायित्व प्रदान करता है।
- पायसों को बिना अस्थायी बनाए उनमें परिक्षिप्त द्रव की कोई भी मात्रा मिलाई जा सकती है।
- ब्राउनी गति सॉलों को स्थायित्व देती है।
कोलोडियन क्या होता है?
जब कोलॉइडी विलयन पर विद्युत् क्षेत्र अनुप्रयुक्त किया जाता है तो क्या होता है?
कुछ औषध कोलॉइडी रूप में अधिक असरदार होते हैं। क्यों?
कॉट्रेल अवक्षेपक में कोलॉइडी धुएँ का अवक्षेपण कैसे होता है?
हार्डी-शुल्से नियम के आधार पर समझाइए कि फ़ॉस्फेेट की स्कंदन शक्ति क्लोराइड की अपेक्षा उच्च क्यों होती है?
यदि अपोहन लम्बे समय तक किया जाए तो क्या होता है?
कॉलम I में दिए गए मदों को कॉलम II में दिए गए परिक्षेपण के प्रकारों से सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) मक्खन | (a) द्रव का द्रव में परिक्षेपण |
| (ii) प्यूमिस पत्थर | (b) ठोस का द्रव में परिक्षेपण |
| (iii) दूध | (c) गैस का ठोस में परिक्षेपण |
| (iv) पेन्ट | (d) द्रव का ठोस में परिक्षेपण |
