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कॉट्रेल अवक्षेपक में कोलॉइडी धुएँ का अवक्षेपण कैसे होता है?

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प्रश्न

कॉट्रेल अवक्षेपक में कोलॉइडी धुएँ का अवक्षेपण कैसे होता है?

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

कॉर्टेल अवक्षेपित्र में धुएँ के आवेशित कणों को एक कक्ष में से गुजारा जाता है जिसमें धुएँ के कणों के विपरीत आवेश वाली प्लेटें होती हैं। धुएँ के कण प्लेटों पर अपना आवेश खोकर अवक्षेपित हो जाते हैं।

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कोलॉइडी
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पाठ 5: पृष्ठ रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ७३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 5 पृष्ठ रसायन
अभ्यास | Q III. 52. | पृष्ठ ७३

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निम्नलिखित परिस्थितियों में क्या प्रेक्षण होंगे?

कोलॉइडी सॉल में से विद्युतधारा प्रवाहित की जाती है।


निम्न पदों (शब्दों) को समझाइए –

अपोहन


मिसेल क्या हैं? मिसेल निकाय का एक उदाहरण दीजिए।


निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।

ऐरोसॉल


निम्नलिखित में से कौन-सा टिन्डल प्रभाव प्रदि्शित करेगा?


किस विधि द्वारा द्रवविरागी सॉल का रक्षण किया जा सकता है?


उस कोलॉइडी तंत्र को जिसमें ठोस पदार्थ परिक्षिप्त प्रावस्था के रूप में तथा द्रव परिक्षेपण माध्यम के रूप में होता है, कैसे वर्गीकृत करते हैं?


निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?

  1. साबुनों के मिसेल का बनना सभी तापों पर संभव है।
  2. साबुनों के मिसेल किसी विशेष सांद्रता के बाद बनते हैं।
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  4. साबुन का विलयन सभी सांद्रताओं पर सामान्य प्रबल वैद्युत् अपघट्य के समान व्यवहार करता है।

निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. दो विपरीत आवेश वाले सॉलों को मिलाने से उनके आवेश उदासीन हो जाते हैं और कोलॉइड स्थायी हो जाता है।
  2. कोलॉइड कणों पर बराबर और एक जैसा आवेश कोलॉइडों को स्थायित्व प्रदान करता है।
  3. पायसों को बिना अस्थायी बनाए उनमें परिक्षिप्त द्रव की कोई भी मात्रा मिलाई जा सकती है।
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हार्डी-शुल्से नियम के आधार पर समझाइए कि फ़ॉस्फेेट की स्कंदन शक्ति क्लोराइड की अपेक्षा उच्च क्यों होती है?


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