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प्रश्न
वर्णविग्रहं कुरुत।
पादतलौ - ______
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उत्तर
पादतलौ - प् + आ + द् + अ + त् + अ + ल् + औ।
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समानार्थकशब्दान् लिखत।
धनम् = ......।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेत्सुखम् = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
शत्रुभ्यामिव = ______
सन्धिं कुरुत।
किम् + नु = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तदेव = ______ + एव।
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
नित्यम् × ______
एकवचने परिवर्तयत।
नद्यः वहन्ति।
सन्धिविग्रह कुरुत।
एतास्तु - ______
सन्धिविग्रह कुरुत।
तत्राफलाः - ______
एकवचने परिवर्तयत।
नार्यः पूज्यन्ते।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
विद्वान् - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इत्यपि = ______
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
ग्रन्थालये कोषाय कृते एका विशाला कपाटिका विद्यते।
समानार्थकशब्दं लिखत।
सरसः - ______
सन्धिं कुरुत।
अपि + अस्ति (इ + अ) = ______
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक-शब्दैः पुनः लिखत।
मत्स्यः जलं पिबति तथापि धीवरः तस्य रिपुः भवति।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक-शब्दैः पुनः लिखत।
सत्पुरुषः निःस्पृहः वर्तते तथापि दुर्जनः तस्य अरिः भवति।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
पश्यसि - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
स्वभावकृपणः अजाद्वयं क्रेष्यति।
वर्णविग्रहं कुरुत।
स्वभावकृपणः - ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
कश्चित् धनिकः स्वकन्यां मह्यं दास्यति। (लट्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
एकः मनुष्यः प्रतिवसति स्म। (स्म निष्कासयत)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
आत्रेयी वाल्मीकिमहर्षेः आश्रमात् दण्डकारण्यम् आगता।
विशेषण-विशेष्य-मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| सहचरः | पोषितौ |
| विलापः | अश्रुतपूर्वा |
| कुशलवौ | करुणः |
| वाणी | निश्चेष्टः |
गणद्वये लिखत।
उक्त्वा, पूजयित्वा, सम्पाद्य, संहत्य, धृत्वा, धावित्वा, प्रविश्य, स्नात्वा, उड्डीय, निमज्य, अवतीर्य, उत्थाय, आरुह्य, उत्पत्य, सिक्त्वा, स्थित्वा, चलित्वा, निष्पीड्य, उद्घाट्य, निष्कास्य
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः द्राक्षाफलम् (खाद्) उत्पतति।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
काकः जलं (पा-पिब्) घटे उपविशति।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शशकः निद्रां (कृ) अगच्छत्।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + ऊर्जा = भानूर्जा।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + आस्ताम् = सुहदावास्ताम्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
______ + ओजः = ममौजः।
योग्यरूपं योजयत।
हे ______, रक्ष माम्। (परभु)
योग्यरूपं योजयत।
कृषीवलस्य समीपे पञ्च ______ सन्ति। (धेनु)
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
बालकः ईश्वरं ______ (ध्यै) अभ्यासं प्रारभते।
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
नौकाम् ______ (आ + नी) अजयः प्रवासम् आरभत।
तालिकां पूरयत।
| क्रियापदम् | मूलधातुः | गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| १. क्षमस्व | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| २. लभताम् | ______ | १ आ.प. | ______ | ______ | ______ |
| ३. नृत्यन्तु | ______ | ______ | ______ | ______ | बहुवचनम् |
| ४. रचय | रच् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ६. लिखत | ______ | ६ प. प. | ______ | ______ | ______ |
| ७. गायाम | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| ८. भवन्तु | ______ | ______ | ______ | प्रथम | ______ |
रूपाभ्यासं कुरुत।
रमेथाः
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
| पुं. | स्त्री. | नपुं. |
| ______ | ______ | ______ |
(योषित्, भूभृत्, दिनकृत्, विद्युत्, वियत्, क्ष्माभृत्, तडित्)
तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | जगन्ति | प्रथमा |
| अप्सरसा | ______ | ______ | तृतीया |
| ______ | ______ | मरुत्सु | सप्तमी |
| ______ | भूभृतोः | ______ | षष्ठी |
| सरितः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | तेजसी | ______ | द्वितीया |
| ______ | ______ | उषस्सु | सप्तमी |
योग्यं रूपं लिखत।
______ (सरित्) जलं शीतलम्।
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
योग्यं रूपं लिखत।
ऋषीणां ______ (तेजस्) दिव्यम्। ______ (तपस्) ते सामर्थ्य प्राप्नुवन्ति। ______ (नभस्) इव अमर्यादिता तेषां दृष्टिः। केचन ऋषयः ______ (वयस्) वृद्धाः, अपि च केचन ______ (तपस्) वृद्धाः। तेषां ______ (चेतस्) कुसुमात् अपि मृदूनि। तेषां सामर्थ्यस्य ______ (स्त्रोतस्) अस्ति तेषां तपश्चर्या। ते विमलानि ______ (वासस्) परिधारयन्ति। ______ (प्रप्त्युषस्) सत्वरम् उत्थाय ते ______ (तपस्) आचरन्ति। धन्यास्ते ऋषयः।
समस्तपदं लिखत।
ग्रामं गतः - ______
समस्तपदं लिखत।
चोरात् भयम् - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
अर्थम् - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
विकल - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
प्रिय - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
विदित - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
शिक्षकेण पाठः उच्चैः ______। (पठ्)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
अहं चित्राणि ______। (दृश्)
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | वस्तुभ्याम् | ______ | तृतीया |
| पितरि | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | धेनुभ्यः | पञ्चमी |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + इद्रः = रवीन्द्रः।
सन्धिकोषः।
नासाग्रमालोकयेद् = ______ + आलोकयेत्।
सन्धिकोषः।
तच्छवासनम् = ______ + शवासनम्।
सन्धिकोषः।
अधुनापि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
सङ्गीतमपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
वयमपि = वयम् + ______।
सन्धिकोषः।
तदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
तवेदम् = ______ + इदम्।
सन्धिकोषः।
नाहम् = न + ______।
सन्धिकोषः।
ममाप्यस्ति = ______ + ______ + अस्ति।
सन्धिकोषः।
गङ्गायाश्चञ्चलतरे = ______ + चञ्चलतरे।
सन्धिकोषः।
पराभवमाप्नोति = ______ + आप्नोति।
सन्धिकोषः।
ततोऽजाभिः = ततः + ______।
सन्धिकोषः।
तस्याहम् = तस्य + ______।
सन्धिकोषः।
आगतास्मि = ______ + अस्मि।
सन्धिकोषः।
अध्ययनमसम्भवम् = अध्ययनम् + ______।
'सर्व' नपुंसकलिङ्गं सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
केवलं प्रथमपुरुषस्य क्रियापदेन सह उपयुज्यते किन्तु मध्यमपुरुषस्य दर्शकम्। यथा -
| कर्तृपदम् | लट्लकारः | लङ्लकारः | लोट्लकारः | विधिलिङ्लकारः |
| भवान्/भवती | ______ | ______ | ______ | ______ |
| त्वम् | ______ | ______ | ______ | ______ |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
परितः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
प्रति = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
नमः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कथ् = ______
