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प्रश्न
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
तेन कः लाभः भवति? (बहुवचने लिखत।)
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उत्तर
तेन के लाभाः भवन्ति?
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विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
व्ययः × ______
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त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
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तालिकां पूरयत।
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| ५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
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विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
यः गणपतिस्तोत्रं जपेत् सः षडभिः मासैः फलं लभेत।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
ध्यायेत् आजानुबाहुं श्रीरामम्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
भवेयुः
तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | जगन्ति | प्रथमा |
| अप्सरसा | ______ | ______ | तृतीया |
| ______ | ______ | मरुत्सु | सप्तमी |
| ______ | भूभृतोः | ______ | षष्ठी |
| सरितः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | तेजसी | ______ | द्वितीया |
| ______ | ______ | उषस्सु | सप्तमी |
योग्यं रूपं लिखत।
राजा नाम ______ (क्ष्माभृत्)।
योग्यं रूपं लिखत।
______ (सरित्) जलं शीतलम्।
समस्तपदं लिखत।
जलस्य बिन्दुः - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
शिष्येण दक्षिणा ______। (दा)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
पुरुषः कार्यं ______। (कृ)
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १ | भानोः | |||||
| २ | भ्रातुषु | |||||
| ३ | अस्याः |
सन्धिकोषः।
किञ्चिदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
______ = क्रियावान् + सः।
सन्धिकोषः।
यो भवेत् = यः + ______।
सन्धिकोषः।
तस्यदिर्न = ______ + आदिः + ______।
सन्धिकोषः।
य इदम् = यः + ______।
सन्धिकोषः।
ततोऽजाभिः = ततः + ______।
सन्धिकोषः।
साऽपि = ______ + अपि।
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
रक्ष् = ______
