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प्रश्न
सवर्णदीर्घसन्धिः।
न + ______ = नास्ति।
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उत्तर
न + अस्ति = नास्ति।
संबंधित प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेत्सुखम् = ______
सन्धिं कुरुत।
सत्पुरुषैः + इति = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
नित्यम् - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
प्रधानम् - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
शरीरम् - ............।
एकवचने परिवर्तयत।
देवताः रमन्ते।
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
जलधरः
सन्धिविग्रहं कुरुत।
व्यसनिनो ज्ञेयाः = ______ + ज्ञेयाः।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इत्यपि = ______
विशेषण-विशेष्य-सम्बन्धः।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| पादतलौ | सतेजः |
| अभ्यासः | मलिनम् |
| मनः | आर्द्रौ |
| शरीरम् | उत्तमः |
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
क्वचित् - ______
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
वयमपि अमरकोषं कण्ठस्थं कुर्याम। (एकवचनं कुरुत।)
समानार्थकशब्दं लिखत।
कोषः - ______
योग्यविशेषणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
छात्राः ग्रन्थालये ______ पुस्तकानि पश्यन्ति।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विपरीतोऽपि = ______
क्रमानुसारं सचयत।
अ) त्रि-अक्षरयुक्ते शब्दे 'य' मध्ये तिष्ठति।
आ) शब्दस्य आरम्भे 'न' विद्यते।
इ) शब्दस्य अन्ते अपि 'न' विद्यते।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
असत्यम् - ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
मृगः - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
दुर्भिक्षम् - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
कृपणः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
दुर्भिक्षम् - ______
गणद्वये लिखत।
उक्त्वा, पूजयित्वा, सम्पाद्य, संहत्य, धृत्वा, धावित्वा, प्रविश्य, स्नात्वा, उड्डीय, निमज्य, अवतीर्य, उत्थाय, आरुह्य, उत्पत्य, सिक्त्वा, स्थित्वा, चलित्वा, निष्पीड्य, उद्घाट्य, निष्कास्य
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवती बन्धनं मुञ्चताम्।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् शीघ्रं पृच्छतु।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवत्यः पाकं पचन्तु।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
मम + ______ = ममैश्वर्यम्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
______ + ओजः = ममौजः।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
आपणिकः देवं नतवती।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
अहं शाकानि कर्तितवान्।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
महादेवः ______ पतिः। (पशु)
योग्यरूपं योजयत।
सर्वे ______ ज्ञानं पूजयन्ति। (जिज्ञासु)
चतुर्थं पदं लिखत।
धेनु - धेन्वा :: रज्जु - ______।
तालिकां पूरयत।
| नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १. पश्वोः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २. साधौ | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३. जिज्ञासुभिः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४. तरूणाम् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. दारूणि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
कविः काव्यं विरचय्य गायेत्।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
छात्रौ प्रार्थनां स्मरताम्।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
कदाचित् अहमपि वैद्या भवेयम्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
प्रयतेरन्
योग्यं रूपं लिखत।
______ (सरित्) जलं शीतलम्।
योग्यं रूपं लिखत।
______ (मरुत्) साहाय्येन ______ (विद्युत्) निर्मीयते।
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
समस्तपदं लिखत।
कल्पनाम् अतीतः - ______
समस्तपदं लिखत।
सम्भाषणे चतुरः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
गत - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
सदृश - ______
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
महिला शाटिकां ______। (धृ)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
अहं चित्राणि ______। (दृश्)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
कविः कवितां ______। (लिख्)
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | ______ | अस्माभिः | तृतीया |
| ______ | कयोः | केषु | सप्तमी |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तव, ते | ______ | ______ | षष्ठी |
| ______ | आभ्याम् | ______ | चतुर्थी |
| ______ | ______ | भवतः | द्वितीया |
लकार-तालिकां पूरयत।
लङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | ______ | अपठाम् | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | आस्ताम् | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | ______ | अलभध्वम् | मध्यमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + ओघः = गङ्गौघः।
सन्धिकोषः।
सिंहवच्च = ______ + च।
सन्धिकोषः।
वृकवच्चावलुम्पेत = वृकवत् + च + ______।
सन्धिकोषः।
जानोर्महिर्वेष्टितवामपाद्म् = जानोः + बहिः + ______।
सन्धिकोषः।
श्रीमस्त्यनाथोदितमासनं = श्रीमस्त्यनाथोदितम् + ______।
सन्धिकोषः।
सङ्गीतमपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
तबलावादनेऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
धियो हरति = ______ + हरति।
सन्धिकोषः।
______ = बाल्यात् + एव।
सन्धिकोषः।
तदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
अतस्ताम् = ______ + ताम्।
सन्धिकोषः।
याचेऽहम् = याचे + ______।
सन्धिकोषः।
ततस्तेन = ______ + तेन।
सन्धिकोषः।
______ = यथा + एव।
सन्धिकोषः।
तयोर्ज्ञाने = तयोः + ______।
सन्धिकोषः।
मणिर्न = ______ + न।
सन्धिकोषः।
त्वमगमः = ______ + अगमः।
'इदम्' सर्वनाम स्त्रीलिङ्गम्।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| इयम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| इमाम्/एनाम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| अनया/एनया | ______ | ______ | तृतीया |
| अस्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| अस्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| अस्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| अस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
केवलं प्रथमपुरुषस्य क्रियापदेन सह उपयुज्यते किन्तु मध्यमपुरुषस्य दर्शकम्। यथा -
| कर्तृपदम् | लट्लकारः | लङ्लकारः | लोट्लकारः | विधिलिङ्लकारः |
| भवान्/भवती | ______ | ______ | ______ | ______ |
| त्वम् | ______ | ______ | ______ | ______ |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
अभितः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
उभयतः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
विना = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
बहिः = ______
