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प्रश्न
सवर्णदीर्घसन्धिः।
गण + ______ = गणेशः।
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उत्तर
गण + इशः = गणेशः।
संबंधित प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेद्विद्याम् = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्यार्थिन: = ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुखार्थी विद्यां न लभते।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
शत्रुभ्यामिव = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तदेव = ______ + एव।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
वर्धत एव = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विश्वम् + अम्भसा = ______।
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
जलधरः
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चान्ये = ______ + अन्ये।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
अध्यापकः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तथैव = ______
विशेषण-विशेष्य-सम्बन्धः।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| पादतलौ | सतेजः |
| अभ्यासः | मलिनम् |
| मनः | आर्द्रौ |
| शरीरम् | उत्तमः |
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वर्तन्ते - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
कोषः - ______
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
छात्राः ग्रन्थालये विविधं पुस्तकानि पश्यन्ति।
सन्धिं कुरुत।
अपि + अस्ति (इ + अ) = ______
विशेषणं लिखत।
______ नभस्तलम्।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
असत्यम् - ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
एकः मनुष्यः प्रतिवसति स्म। (स्म निष्कासयत)
समानार्थकशब्दं लिखत।
कृपणः - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वाल्मीकिः = ______
सवर्णदीर्घसन्धिः।
अ/आ + अ/आ = आ
नव + ______ = नवापि।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
अ/आ + अ/आ = आ
______ + अत्र = तथात्र।
गणद्वये लिखत।
उक्त्वा, पूजयित्वा, सम्पाद्य, संहत्य, धृत्वा, धावित्वा, प्रविश्य, स्नात्वा, उड्डीय, निमज्य, अवतीर्य, उत्थाय, आरुह्य, उत्पत्य, सिक्त्वा, स्थित्वा, चलित्वा, निष्पीड्य, उद्घाट्य, निष्कास्य
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शशकः निद्रां (कृ) अगच्छत्।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
गुरु + ______ = गुरूपदेशः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + उत्साहः = वधूत्साहः।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
तौ + ______ = तावपि।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
______ + ओजः = ममौजः।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
तव + ______ = तवौदार्यम्।
यणसन्धिः।
इ/ई + विजातीयः स्वरः = य्।
______ + अपि = इत्यपि।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
हे ______, रक्ष माम्। (परभु)
चतुर्थं पदं लिखत।
अम्बु - अम्बूनि :: वस्तु - ______।
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
भक्तः विष्णुं ______ (स्मृ) तपश्चरणं करोति।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
दीपेशः गीतं स्मृत्वा गायति।
तालिकां पूरयत।
| क्रियापदम् | मूलधातुः | गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| १. क्षमस्व | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| २. लभताम् | ______ | १ आ.प. | ______ | ______ | ______ |
| ३. नृत्यन्तु | ______ | ______ | ______ | ______ | बहुवचनम् |
| ४. रचय | रच् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ६. लिखत | ______ | ६ प. प. | ______ | ______ | ______ |
| ७. गायाम | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| ८. भवन्तु | ______ | ______ | ______ | प्रथम | ______ |
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
यूयं रष्टध्वजं सर्वदा वन्दध्वम्।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
बालाः सर्वदा गुरूणाम् आज्ञां पालयेयुः।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
कदाचित् अहमपि वैद्या भवेयम्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
रचयेम
रूपाभ्यासं कुरुत।
संरक्षेम
योग्यं रूपं लिखत।
______ (सरित्) जलं शीतलम्।
योग्यं रूपं लिखत।
वर्षाकाले ______ (वियत्) तडित् प्रकाशते।
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
समस्तपदं लिखत।
जलस्य बिन्दुः - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
शिक्षकेण पाठः उच्चैः ______। (पठ्)
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
मया चित्रं - ______। (दृश्)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
देवाः भक्तान् ______। (रक्ष्)
लकार-तालिकां पूरयत।
लङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | ______ | अपठाम् | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | आस्ताम् | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | ______ | अलभध्वम् | मध्यमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १ | भानोः | |||||
| २ | भ्रातुषु | |||||
| ३ | अस्याः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
भानु + ______ = भानूदयः
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + ओघः = गङ्गौघः।
सन्धिकोषः।
सिंहवच्च = ______ + च।
सन्धिकोषः।
पूर्वमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
स्वदेशमपाहरन् = ______ + अपाहरन्।
सन्धिकोषः।
याचेऽहम् = याचे + ______।
सन्धिकोषः।
______ = पणिभिः + यद्।
सन्धिकोषः।
तन्न = ______ + न।
सन्धिकोषः।
गमनमारभे = गमनम् + ______।
सन्धिकोषः।
तवाप्यस्ति = ______ + अपि + ______।
सन्धिकोषः।
शास्त्रविमुखाश्च = ______ + च।
सन्धिकोषः।
शक्रादपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
यत्परिपूर्णोऽयम् = यत् + ______ + अयम्।
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
सन्धिकोषः।
साऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
पुनर्भूयान् = पुनः + ______।
केवलं प्रथमपुरुषस्य क्रियापदेन सह उपयुज्यते किन्तु मध्यमपुरुषस्य दर्शकम्। यथा -
| कर्तृपदम् | लट्लकारः | लङ्लकारः | लोट्लकारः | विधिलिङ्लकारः |
| भवान्/भवती | ______ | ______ | ______ | ______ |
| त्वम् | ______ | ______ | ______ | ______ |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
प्रति = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कृते = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
दा-यच्छ् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
स्निह् = ______
