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प्रश्न
समानार्थकशब्दं लिखत।
कृपणः - ______
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उत्तर
कृपणः - कदर्यः, क्षुद्रः, किंपचानः।
संबंधित प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्या = ______
विरुद्धार्थकशब्द लिखत।
अधिकम् × ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
नित्यम् - ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
व्ययः × ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
परः × ______
सन्धिविग्रह कुरुत।
तत्राफलाः - ______
एकवचने परिवर्तयत।
एताः न पूज्यन्ते।
एकवचने परिवर्तयत।
सर्वाः क्रियाः अफलाः।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
महताम् + ______ = महतामुदारता।
समानार्थकशब्दं योजयित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
चातकः पयसः कणान् जलधरं याचते।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चान्ये = ______ + अन्ये।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
शास्त्रविदः - ______
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
कार्यकर्ता - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इतोऽपि = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तथैव = ______
सूचनानुसारं परिवर्तनं कुरुत।
अहं द्विवारं स्नानं करोमि स्म। ('स्म' निष्कासयत)
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत।
मृद् - ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
सत्वरम् × ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
सङ्ग्रहम् - ______
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
वयमपि अमरकोषं कण्ठस्थं कुर्याम। (एकवचनं कुरुत।)
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत लिखत च।
पक्षिराजः, शूलपाणिः, जलम्, मेघः, शङ्करः, वृक्षः, सिद्धयोगी, गरुडः, तरुः, तोयम्, जलदः, तपस्वी।
विशेषण-विशेष्य-अन्वितिं पूरयत।
| विशेषणम् | विशेष्यम् |
| ______ | पुत्रः |
| लिखितम् | ______ |
क्रमानुसारं सचयत।
अ) त्रि-अक्षरयुक्ते शब्दे 'य' मध्ये तिष्ठति।
आ) शब्दस्य आरम्भे 'न' विद्यते।
इ) शब्दस्य अन्ते अपि 'न' विद्यते।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक -शब्दैः पुनः लिखत।
हरिणः शष्पाणि भक्षयति तथापि व्याधः तस्य शत्रुः भवति।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
स्वभावकृपणः अजाद्वयं क्रेष्यति।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सोमशर्मेति = ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
दुर्भिक्षम् - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
अश्वः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुवर्णम् - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वेदान्तम् = ______
विशेषण-विशेष्य-मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| सहचरः | पोषितौ |
| विलापः | अश्रुतपूर्वा |
| कुशलवौ | करुणः |
| वाणी | निश्चेष्टः |
पूर्वकालवाचकयोः उपयोगं कृत्वा दीर्घ वाक्यं कुरुत।

मर्कटः वृक्षात् ______ पेटिकां ______ टोपिकां ______ मस्तके ______ वृक्षम् आरोहति।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः मांसखण्डं (लभ्) काकस्य स्तुतिं करोति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
इ/ई + इ/ई = ई
______ + इव = नदीव।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + ऊर्जा = भानूर्जा।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
भ्रातृ + ______ = भ्रातृषभः।
भवान्/ भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् अत्र उपविशतु।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
बालकः ईश्वरं ______ (ध्यै) अभ्यासं प्रारभते।
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
धनं ______ (लभ्) सोमदत्तः महानगरम् असरत्।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
सुवर्णा प्रातः उत्थाय ग्रामम् अगच्छत्।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
कविः काव्यं विरचय्य गायेत्।
तालिकां पूरयत।
| क्रियापदम् | मूलधातुः | गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| १. क्षमस्व | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| २. लभताम् | ______ | १ आ.प. | ______ | ______ | ______ |
| ३. नृत्यन्तु | ______ | ______ | ______ | ______ | बहुवचनम् |
| ४. रचय | रच् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ६. लिखत | ______ | ६ प. प. | ______ | ______ | ______ |
| ७. गायाम | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| ८. भवन्तु | ______ | ______ | ______ | प्रथम | ______ |
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
यूयं रष्टध्वजं सर्वदा वन्दध्वम्।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
बालाः सर्वदा गुरूणाम् आज्ञां पालयेयुः।
रूपाभ्यासं कुरुत।
भवेयुः
योग्यं रूपं लिखत।
राजा नाम ______ (क्ष्माभृत्)।
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
| पुं. | स्त्री. | नपुं. |
| ______ | ______ | ______ |
दुर्वासस्, उषस्, तपस्, अम्भस्, तेजस् ओजस्, नभस्, यशस्, स्रोतस्, वेधस्, वयस्, वासस्, पयस्, चेतस्, मनस्।
समस्तपदं लिखत।
भाषायाः अभ्यासः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
त्रात - ______
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | चन्दमस्सु | सप्तमी |
| विद्युते | ______ | ______ | चतुर्थी |
| ______ | पयसी | ______ | प्रथमा |
लकार-तालिकां पूरयत।
लिङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | रक्षेतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | विद्येमहि | उत्तमपुरुषः | |
| भवेत् | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + ओघः = गङ्गौघः।
सन्धिकोषः।
धनमलब्धं = ______ + अलब्धम्।
सन्धिकोषः।
धनुरासनमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
तबलावादनेऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
त्समास = त्वम् + ______।
सन्धिकोषः।
प्रतिदिनमिव = ______ + इव।
सन्धिकोषः।
कृतिरेषा = ______ + एषा।
सन्धिकोषः।
तदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
अतस्ताम् = ______ + ताम्।
सन्धिकोषः।
नाहम् = न + ______।
सन्धिकोषः।
तस्यदिर्न = ______ + आदिः + ______।
सन्धिकोषः।
तवाप्यस्ति = ______ + अपि + ______।
सन्धिकोषः।
स्वभावकृपणो नाम = ______ + नाम।
सन्धिकोषः।
घटस्तावत् = घटः + ______।
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
सन्धिकोषः।
साऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
तयोर्ज्ञाने = तयोः + ______।
सन्धिकोषः।
पुनर्भूयान् = पुनः + ______।
सन्धिकोषः।
अथैकदा = ______ + एकदा।
'सर्व' नपुंसकलिङ्गं सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
वि + रम् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
स्पृह् = ______
