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प्रश्न
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
हे राधिके, फलानि गणय।
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उत्तर
हे राधिके, फलानि गणय।
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संबंधित प्रश्न
सन्धिं कुरुत।
पशुभिः + तुल्यम् = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
वर्धत एव = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
भारः - ______
सन्धिविग्रह कुरुत।
नार्यस्तु = ______
एकवचने परिवर्तयत।
सर्वाः क्रियाः अफलाः।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चातकः + ______ = चातकस्त्रिचतुरान्।
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
जलधरः
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चान्ये = ______ + अन्ये।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
व्यसनिनो ज्ञेयाः = ______ + ज्ञेयाः।
सूचनानुसारं परिवर्तनं कुरुत।
अहं द्विवारं स्नानं करोमि स्म। ('स्म' निष्कासयत)
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत।
मृद् - ______
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत लिखत च।
पक्षिराजः, शूलपाणिः, जलम्, मेघः, शङ्करः, वृक्षः, सिद्धयोगी, गरुडः, तरुः, तोयम्, जलदः, तपस्वी।
सन्धिं कुरुत।
अपि + अस्ति (इ + अ) = ______
विशेषणैः जालरेखाचित्रं पूरयत।

वर्णविग्रहं कुरुत।
रूपाढ्याम् - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
ध्यानस्थितः - ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
कश्चित् धनिकः स्वकन्यां मह्यं दास्यति। (लट्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
एकः मनुष्यः प्रतिवसति स्म। (स्म निष्कासयत)
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
भीमं (हन्) दुर्योधनः कपटम् अकरोत्।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
______ + ऊर्जा = भानूर्जा।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
मम + ______ = ममैश्वर्यम्।
कुशलः वैमानिकः।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| कुशलः वैमानिकः | कुशलौ ______ | ______ वैमानिकाः | प्रथमा |
| ______ वैमानिकम् | ______ वैमानिकौ | कुशलान् ______ | द्वितीया |
| कुशलेन ______ | कुशलाभ्यां ______ | ______ वैमानिकैः | तृतीया |
| ______ वैमानिकाय | ______ वैमानिकाभ्यां | कुशलेभ्यः ______ | चतुर्थी |
| कुशलात् ______ | कुशलाभ्यां ______ | ______ वैमानिकेभ्यः | पञ्चमी |
| ______ वैमानिकस्य | ______ वैमानिकयोः | कुशलानां ______ | षष्ठी |
| कुशले ______ | ______ वैमानिकयोः | ______ वैमानिकेषु | सप्तमी |
| कुशल ______ | ______ वैमानिकौ | कुशलाः ______ | सम्बोधनम् |
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
प्रश्नं ______ (प्रच्छ्) सः धैर्येण अग्रे आगच्छत्।
आज्ञार्थ-रूपाणि चिनुत लिखत च।
छात्रौ प्रार्थनां स्मरताम्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
शिक्षेत
रूपाभ्यासं कुरुत।
पठेत्
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
महिला शाटिकां ______। (धृ)
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | भवतीभ्यः | चतुर्थी |
| ______ | इमे | इमानि | प्रथमा |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सन्धिकोषः।
नरश्चरितमात्मनः = ______ + चरितम् + ______।
सन्धिकोषः।
तवेदम् = ______ + इदम्।
सन्धिकोषः।
साऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
दारकद्वयमुपनीतम् = दारकद्वयम् + ______।
सन्धिकोषः।
______ = यथा + एव।
सन्धिकोषः।
करोत्यपहन्ति = ______ + अपहन्ति।
सन्धिकोषः।
मणिर्न = ______ + न।
'इदम्' सर्वनाम नपुंसकलिङ्गम्।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| इदम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| इदम्/एनत् | ______ | ______ | द्वितीया |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
