Advertisements
Advertisements
प्रश्न
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
आत्रेयी वाल्मीकिमहर्षेः आश्रमात् दण्डकारण्यम् आगता।
Advertisements
उत्तर
आत्रेयी कस्य आश्रमात् दण्डकारण्यम् आगता?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्या = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
नार्पयेत् = ______
समानार्थकशब्दं चिनुत।
स्वापः - ______
स्तम्भमेलनं कुरुत।
| अ | आ |
| स्वीयम् | गणना |
| चिन्तनम् | वसुधा |
| अन्यः | निजः |
| पृथिवी | परः |
एकवचने परिवर्तयत।
वृक्षाः फलन्ति।
एकवचने परिवर्तयत।
नद्यः वहन्ति।
एकवचने परिवर्तयत।
नार्यः पूज्यन्ते।
एकवचने परिवर्तयत।
देवताः रमन्ते।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
क्रियावान्स पण्डितः = क्रियावान् + ______ + पण्डितः।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
विद्वान् - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
प्रयोगः - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वर्तन्ते - ______
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
छात्राः ग्रन्थालये विविधं पुस्तकानि पश्यन्ति।
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
अमरकोषे तिस्त्रः काण्डानि सन्ति।
विशेषणैः जालरेखाचित्रं पूरयत।

समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
मृगः - ______
समस्तपदं कुरुत।
स्वभावेन कृपणः - ______
समस्तपदं कुरुत।
कोपेन आविष्टः - ______
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
पितृ + ______ = पितृतम्।
योग्यरूपं योजयत।
महादेवः ______ पतिः। (पशु)
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
दीपेशः गीतं स्मृत्वा गायति।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
न कश्चन मातरं वा मातृदेशं वा विस्मरेत्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
रमेथाः
समस्तपदं लिखत।
सम्भाषणे चतुरः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
प्रिय - ______
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
न + ______ = नास्ति।
सन्धिकोषः।
वृकवच्चावलुम्पेत = वृकवत् + च + ______।
सन्धिकोषः।
षड्भिर्योगो = षड्भिः + ______।
सन्धिकोषः।
सर्वमेव = सर्वम् + ______।
सन्धिकोषः।
किङ्करो नैकोऽपि = ______ + नैकः + ______।
सन्धिकोषः।
नाहम् = न + ______।
सन्धिकोषः।
______ = विपरीताः + चेत्।
सन्धिकोषः।
गङ्गायाश्चञ्चलतरे = ______ + चञ्चलतरे।
सन्धिकोषः।
अयमध्ययनप्रत्यूहः = अयम् + ______।
'सर्व' नपुंसकलिङ्गं सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
वि + रम् = ______
