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प्रश्न
स्पष्ट कीजिए कि Cu+ आयन जलीय विलयन में स्थायी नहीं है, क्यों? समझाइए।
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उत्तर
\[\ce{Cu^{+}_{ (aq)}}\] से \[\ce{Cu^{2+}_{ (aq)}}\] अधिक स्थायी होता है। इसका कारण यह है कि कॉपर की द्वितीय आयनन एन्थैल्पी अधिक होती है, परंतु \[\ce{Cu^{2+}_{ (aq)}}\] के लिए ΔhydH, \[\ce{Cu^{+}_{ (aq)}}\] की तुलना में अधिक ऋणात्मक होती है, इसलिए यह कॉपर की द्वितीय आयनन एन्थैल्पी के लिए अधिक क्षतिपूर्ति करती है। अत: अनेक कॉपर (I) यौगिक जलीय विलयन में अस्थायी होते हैं तथा निम्नलिखित प्रकार असमानुपातित होते हैं –
\[\ce{2Cu^{+}_{ (aq)} -> Cu^{2+}_{ (aq)} + Cu_{(s)}}\]
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