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प्रश्न
सोडा काँच के साथ पारे का स्पर्श कोण 140° है। यदि पारे से भरी द्रोणिका में 1.00 mm त्रिज्या की काँच की किसी नली का एक सिरा डुबोया जाता है, तो पारे के बाहरी पृष्ठ के स्तर की तुलना में नली के भीतर पारे का स्तर कितना नीचे चला जाता है? (पारे का घनत्व = 136 × 103kg m-3)
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उत्तर
केशनली की त्रिज्या r = 1.00 mm = 10-3 m,
स्पर्श कोण θ = 140°,
पारे का घनत्व ρ = 13.6 x 103 kg m-3,
पृष्ठ - तनाव S = 0.4355 N m-1
माना पारे का स्तर केशनली में h ऊँचाई ऊपर उठता है तो
`"h" = (2 "S" "cos"theta)/("r"rho"g")`
` = (2 xx 0.4355 "N""m"^-1 xx (-0.77))/(10^-3 "m" xx 13.6 xx 10^3 "kg" "m"^-3 xx 9.8 "ms"^-2)` ...[∵ cos 140° = -0.77]
= -0.00534 m
= -5.34 mm
- चिन्ह प्रदर्शित करता है कि पारा केशनली में निचे उतरेगा।
अतः केशनली में पारे का स्तर 5.34 mm निचे गिरेगा।
संबंधित प्रश्न
स्पष्ट कीजिए क्यों
यदि किसी बाह्य बल का प्रभाव न हो तो द्रव बूँद की आकृति सदैव गोलाकार होती है।
व्यापक रूप में द्रवों का पृष्ठ-तनाव ताप बढने पर ______ है।
गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर ______ है, जबकि द्रवों की श्यानता ताप बढने पर ______ है।
दृढ़ता प्रत्यास्थता गुणांक वाले ठोसों के लिए अपरूपण प्रतिबल ______ के अनुक्रमानुपाती होता है, जबकि द्रवों के लिए वह ______ के अनुक्रमानुपाती होता है।
निम्नलिखित के कारण स्पष्ट कीजिए -
किसी पात्र के बारीक छिद्र से निकलने वाला तरल उस पर पीछे की ओर प्रणोद आरोपित करता है।
किसी U-नली की दोनों भुजाओं में भरे जल तथा मेथेलेटिड स्पिरिट को पारा एक-दूसरे से पृथक् करता है। जब जल तथा पारे के स्तंभ क्रमशः 10 cm तथा 12.5 cm ऊँचे हैं तो दोनों भुजाओं में पारे का स्तर समान है। स्पिरिट का आपेक्षिक घनत्व ज्ञात कीजिए।
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निम्नांकित चित्र (a) में किसी पतली द्रव-फिल्म को 4.5 × 10-2 N का छोटा भार सँभाले दर्शाया गया है। चित्र (b) तथा (c) में बनी इसी द्रव की फिल्में इसी ताप पर कितना भार सँभाल सकती हैं? अपने उत्तर को प्राकृतिक नियमों के अनुसार स्पष्ट कीजिए।
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| (a) | (b) | (c) |
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3.0 mm तथा 6.0 mm व्यास की दो संकीर्ण नलियों को एक साथ जोड़कर दोनों सिरों से खुली एक U-आकार की नली बनाई जाती है। यदि इस नली में जल भरा है तो इस नली की दोनों भुजाओं में भरे जल के स्तरों में क्या अंतर है। प्रयोग के ताप पर जल का पृष्ठ-तनाव 7.3 × 10-2 N m-1 है। स्पर्श कोण शून्य लीजिए तथा जल का घनत्व 10 × 103 kg m-3 लीजिए। (g = 9.8 ms-2)



