मराठी

निम्नलिखित के कारण स्पष्ट कीजिए - किसी पात्र के बारीक छिद्र से निकलने वाला तरल उस पर पीछे की ओर प्रणोद आरोपित करता है।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित के कारण स्पष्ट कीजिए -

किसी पात्र के बारीक छिद्र से निकलने वाला तरल उस पर पीछे की ओर प्रणोद आरोपित करता है।

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

जब कोई तरल किसी पात्र में बने बारीक छिद्र से बाहर आता है तो अविरतता के सिद्धांत से वह उच्च बहि:स्राव वेग प्राप्त कर लेता है। बाह्य बल की अनुपस्थिति में पात्र + तरल का संवेग संरक्षित रहता है; अतः पात्र विपरीत दिशा में संवेग प्राप्त करता है, अर्थात् बाहर निकलता हुआ द्रव पात्र पर : विपरीत दिशा में प्रणोद आरोपित करता है।

shaalaa.com
पृष्ठ तनाव
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 9: तरलों के यांत्रिक गुण - अभ्यास [पृष्ठ २८२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
पाठ 9 तरलों के यांत्रिक गुण
अभ्यास | Q 10.4 (d) | पृष्ठ २८२
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×