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प्रश्न
निम्नलिखित के कारण स्पष्ट कीजिए-
कोई प्रचक्रमान क्रिकेट की गेंद वायु में परवलीय प्रपथ का अनुसरण नहीं करती।
थोडक्यात उत्तर
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उत्तर
घूमती हुई गेंद अपने साथ वायु को खींचती है; अतः गेंद के ऊपर तथा नीचे वायु के वेग में अंतर आ जाता है; अतः दाबों में भी अंतर आ जाता है। इसके कारण गेंद पर भार के अतिरिक्त एक अन्य बल भी लगने लगता है और गेंद को पथ परवलयाकार नहीं रह जाता।
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दाब - वायुमण्डलीय दाब तथा गेज दाब
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 9: तरलों के यांत्रिक गुण - अभ्यास [पृष्ठ २८२]
