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प्रश्न
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उत्तर
हाँ, हम आंबेडकर जी के विचारों से सहमत हैं क्योंकि उन्होंने भावनात्मक समत्व की मानवीय दृष्टि के आधार पर जातिवाद के उन्मूलन का समर्थन किया है। समाज में भावनात्मक समानता स्थापित करने के लिए सभी को समान रूप से भौतिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना आवश्यक है। जाति-प्रथा को समाप्त करने के लिए सामाजिक समता सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। जब सभी मनुष्यों को समान अवसर मिलेंगे, तभी वे अपनी बात प्रभावी ढंग से रख पाएँगे और उनकी समस्याओं को सही तरीके से सुना और समझा जा सकेगा।
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