मराठी

रूमाल के साथ बिना कुछ बाँधे इसे और ऊँचा कैसे उछाला जा सकता है?

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प्रश्न

रूमाल के साथ बिना कुछ बाँधे इसे और ऊँचा कैसे उछाला जा सकता है?

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

बिना कुछ बाँधे केवल छोटी सी तह बनाकर उछाला जा सकता है।

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कब आऊँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 9: कब आऊँ - कब आऊँ [पृष्ठ ७१]

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एनसीईआरटी Hindi - Rimjhim Class 3
पाठ 9 कब आऊँ
कब आऊँ | Q 2. | पृष्ठ ७१

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नीचे के वाक्य में कुछ हरी-भरी सब्ज़ि का नाम छुपा हैं। ढूँढ़ो तो ज़रा –

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नीचे के वाक्य में कुछ हरी-भरी सब्ज़ि का नाम छुपा हैं। ढूँढ़ो तो ज़रा –

शीला के पास बैग नहीं है।


नीचे के वाक्य में कुछ हरी-भरी सब्ज़ि का नाम छुपा हैं। ढूँढ़ो तो ज़रा –

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चित्र को देखो। क्या इसे देखकर तुम्हें कुछ मुहावरा या कहावत याद आती हैं? उन्हें लिखो।

  अँधेरा
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चित्र को देखो। क्या इसे देखकर तुम्हें कुछ मुहावरा या कहावत याद आती हैं? उन्हें लिखो।

आरसी
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चित्र को देखो। क्या इसे देखकर तुम्हें कुछ मुहावरा या कहावत याद आती हैं? उन्हें लिखो।

आस्तीन
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चित्र को देखो। क्या इसे देखकर तुम्हें कुछ मुहावरा या कहावत याद आती हैं? उन्हें लिखो।

ग्यारह
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जिन शब्द के नीचे रेखा खिंची है, उसका मतलब बताओ –

अवंती ने सेठ का मंसूबा भाँप लिया।


जिन शब्द के नीचे रेखा खिंची है, उसका मतलब बताओ –

मैं तुम्हारा हुनर देखना चाहता हूँ।


जिन शब्द के नीचे रेखा खिंची है, उसका मतलब बताओ –

सेठ बुलंद आवाज़ में बोला।


जिन शब्द के नीचे रेखा खिंची है, उसका मतलब बताओ –

सेठ को ईर्ष्या होने लगी।


जिन शब्द के नीचे रेखा खिंची है, उसका मतलब बताओ –

रंग के बारे में मेरी कोई खास पसंद तो है नहीं।


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ऊपर दिए गए शब्दों के जोड़ों में केवल एक मात्रा बदली गई है। किसी भी मात्रा को बदलने से अर्थ भी बदल जाता है। ऐसे और जोड़े बनाओ। देखें, कौन सबसे ज़्यादा जोड़े ढूँढ़ पाता है।

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कब आऊँ वाले किस्से को चित्रकथा के रूप में लिखो।


कभी-कभी हम अपनी बात करते हुए ऐसे शब्द भी बोल देते हैं, जिनकी कोई ज़रूरत नहीं होती। इसी तरह इस वाक्य में कुछ शब्द फ़ालतू हैं। उसे ढूँढ़कर अलग करो –

ज़ेबा, बगीचे से दो ताज़े नीबू तोड़ लो।


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