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प्रश्न
दिन – दीन मेला – मैला।
ऊपर दिए गए शब्दों के जोड़ों में केवल एक मात्रा बदली गई है। किसी भी मात्रा को बदलने से अर्थ भी बदल जाता है। ऐसे और जोड़े बनाओ। देखें, कौन सबसे ज़्यादा जोड़े ढूँढ़ पाता है।
| ______ | ______ |
| ______ | ______ |
| ______ | ______ |
| ______ | ______ |
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उत्तर
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सुत |
सूत |
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जाति |
जाती |
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कुल |
कूल |
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मिल |
मील |
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पीला |
पिला |
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छिन-छिन |
छीन |
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हरी |
हरि |
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पीत |
पित्त |
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मगर |
मगरमच्छ |
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पाती |
पाति |
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अवंती ने कपड़ा अलमारी में बंद कर दिया। क्यों?
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चित्र को देखो। क्या इसे देखकर तुम्हें कुछ मुहावरा या कहावत याद आती हैं? उन्हें लिखो।
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अँधेरा |
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रंग |
रंगाई |
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साफ़ |
______ |
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चढ़ |
______ |
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बुन |
______ |
जिन शब्द के नीचे रेखा खिंची है, उसका मतलब बताओ –
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जिन शब्द के नीचे रेखा खिंची है, उसका मतलब बताओ –
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जिन शब्द के नीचे रेखा खिंची है, उसका मतलब बताओ –
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जिन शब्द के नीचे रेखा खिंची है, उसका मतलब बताओ –
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कभी-कभी हम अपनी बात करते हुए ऐसे शब्द भी बोल देते हैं, जिनकी कोई ज़रूरत नहीं होती। इसी तरह इस वाक्य में कुछ शब्द फ़ालतू हैं। उसे ढूँढ़कर अलग करो –
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कभी-कभी हम अपनी बात करते हुए ऐसे शब्द भी बोल देते हैं, जिनकी कोई ज़रूरत नहीं होती। इसी तरह इस वाक्य में कुछ शब्द फ़ालतू हैं। उसे ढूँढ़कर अलग करो –
एक पीला पका पपीता काट लो।
कभी-कभी हम अपनी बात करते हुए ऐसे शब्द भी बोल देते हैं, जिनकी कोई ज़रूरत नहीं होती। इसी तरह इस वाक्य में कुछ शब्द फ़ालतू हैं। उसे ढूँढ़कर अलग करो –
अरे! रस में इतनी सारी ठंडी बर्फ़ क्यों डाल दी?
कभी-कभी हम अपनी बात करते हुए ऐसे शब्द भी बोल देते हैं, जिनकी कोई ज़रूरत नहीं होती। इसी तरह इस वाक्य में कुछ शब्द फ़ालतू हैं। उसे ढूँढ़कर अलग करो –
ज़ेबा, बगीचे से दो ताज़े नीबू तोड़ लो।
