मराठी

पशुओं की नस्ल सुधार के लिए प्रायः कौन-सी विधि का उपयोग किया जाता है और क्यों? - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

पशुओं की नस्ल सुधार के लिए प्रायः कौन-सी विधि का उपयोग किया जाता है और क्यों?

लघु उत्तर
Advertisements

उत्तर

पशु कृषि का उपयोग प्रायः पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए किया जाता है। पशु कृषि का उद्देश्य दूध उत्पादन और कृषि कार्य के लिए बोझा ढोने वाले कार्य को बढ़ाना है। दुधारू पशुओं (मादा) का उपयोग दूध प्राप्त करने के लिए किया जाता है, और बोझा ढोने वाले पशुओं (नर) को कृषि क्षेत्रों में श्रम कार्य जैसे हल चलाना, सिंचाई, जुताई आदि के लिए लगाया जाता है। पशुओं की दो अच्छी किस्मों के बीच क्रॉस ब्रीडिंग से एक नई बेहतर किस्म पैदा होगी। उदाहरण के लिए, जर्सी, ब्राउन स्विस जैसी विदेशी नस्लों (लंबे समय तक दुग्धम्रवण काल के लिए) और रेड सिंधी और साहीवाल जैसी भारतीय नस्लों (रोग प्रतिरोधक क्षमता व लंबा दुग्धस्रवण काल) के बीच संकरण से दोनों नस्लों की विशेषताओं की एक नई किस्म पैदा होती है।

shaalaa.com
पशुपालन (पशुसंवर्धन)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 15: खाद्य संसाधनों में सुधार - प्रश्न 7 [पृष्ठ २३६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Science [Hindi] Class 9
पाठ 15 खाद्य संसाधनों में सुधार
प्रश्न 7 | Q 1. | पृष्ठ २३६

संबंधित प्रश्‍न

यदि आपके परिवार के पास एक डेरी फार्म है, तब आप दुग्ध उत्पादन में उसकी गुणवत्ता तथा मात्रा में सुधार लाने के लिए कौन-कौन से उपाय करेंगे?


मौन (मधुमक्खी) पालन से आप क्या समझते हैं? हमारे जीवन में इसका क्या महत्त्व है?


खाद्य उत्पादन को बढ़ाने में मत्स्यकी की भूमिका की विवेचना कीजिए।


किसानों के लिए पशु पालन प्रणालियाँ कैसे लाभदायक हैं?


निम्नलिखित में से कौन-सी मछली जल की सतह से भोजन प्राप्त करती है?


पशुपालन में निम्नलिखित में से किसका वैज्ञानिक प्रबंधन किया जाता है?

  1. पशु-प्रजनन
  2. पशुओं का संवर्धन
  3. पशुधन
  4. पशुओं का पालन-पोषण

गोखरू (जँथियम) तथा गाजरघास (पारथेनियम) आमतौर पर कहे जाते हैं ______।


किसी बीमारी का कारक जीव कहलाता है ______।


"कृषि पद्धतियाँ तथा फसल की पैदावार का संबंध पर्यावरणीय परिस्थितियों से होता है।" इस कथन की व्याख्या कीजिए।


पशुओं के भोजन के दो प्रकारों के नाम लिखिए तथा उनके कार्य लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×