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प्रश्न
पृथक्करणं कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - शाखी, वयम्, पिता, ताः)
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उत्तर
| नाम | सर्वनाम |
| शाखी | वयम् |
| पिता | ताः |
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संबंधित प्रश्न
माध्यमभाषया सरलार्थं लिखत।
मनुजा वाचनेनैव बोधन्ते विषयान् बहून्।
दक्षा भवन्ति कार्येषु वाचनेन बहुश्रुताः।।
माध्यमभाषया सरलार्थं लिखत।
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पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।
कां भज इति कविः वदति?
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सन्धिविग्रहं कुरुत।
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सन्धिविग्रहं कुरुत।
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
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समानार्थकशब्दमेलनं कुरुत।
(१) सरि (२) रङ्गः (३) अम्भः (४) दिनकृत् (५) मार्गः
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माध्यमभाषया उत्तरं लिखत।
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माध्यमभाषया उत्तरं लिखत।
कदा मानवता भवेत्?
माध्यमभाषया उत्तरं लिखत।
सर्वे धर्माः मानवताधर्मं समाश्रिताः इति सोदाहरणं स्पष्टीकुरुत।
माध्यमभाषया उत्तरं लिखत।
‘मानवताधर्मः’ इति काव्यस्य आधारेण मानवताधर्मस्य वर्णनं कुरुत।
जालरेखाचित्रं पूरयत।

क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
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| नर्तिष्यति | ______ | ______ | प्रथमः | लृट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| ______ | दिशेथे | ______ | मध्यमः | लट् |
पृथक्करणं कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मम, राजा, एतौ, साधवः)
पृथक्करणं कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
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| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मनसा, अस्याः, प्राणान्, अयम्)
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(मञ्जूषा - त्यजतु, हतः, अब्रूत, पीतः)
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| क्रियापदम् | धातुसाधित-विशेषणम् |
(मञ्जूषा - क्रुद्धः, अददात्, प्रजायते, दृश्यम्)
पृथक्करणं कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित-विशेषणम् |
(मञ्जूषा - याचते, श्रवणीयम्, प्रदत्तवान्, शिक्षयति)
पृथक्करणं कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित-विशेषणम् |
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नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
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माध्यमभाषया सरलार्थं लिखत।
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