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प्रश्न
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| दिशि | ______ | ______ | सप्तमी |
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उत्तर
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| दिशि | दिशोः | दिक्षु | सप्तमी |
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पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।
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पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।
कः सर्वधर्मान् व्याप्नोति?
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सन्धिविग्रहं कुरुत।
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सन्धिविग्रहं कुरुत।
एषोऽभ्युदयकृत् = एषः + ______।
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
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(अ) वण (आ) भानुः (इ) नदी (ई) पन्थाः (उ) सलिलम्
माध्यमभाषया उत्तरं लिखत।
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माध्यमभाषया उत्तरं लिखत।
‘मानवताधर्मः’ इति काव्यस्य आधारेण मानवताधर्मस्य वर्णनं कुरुत।
जालरेखाचित्रं पूरयत।

क्रियापदतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| ______ | दिशेथे | ______ | मध्यमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | अमिलाम | उत्तमः | लङ् |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ऋत्विग्भ्याम् | ______ | तृतीया |
पृथक्करणं कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मम, राजा, एतौ, साधवः)
पृथक्करणं कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - शाखी, वयम्, पिता, ताः)
पृथक्करणं कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मनसा, अस्याः, प्राणान्, अयम्)
पृथक्करणं कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित-विशेषणम् |
(मञ्जूषा - त्यजतु, हतः, अब्रूत, पीतः)
पृथक्करणं कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित-विशेषणम् |
(मञ्जूषा - याचते, श्रवणीयम्, प्रदत्तवान्, शिक्षयति)
पृथक्करणं कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित-विशेषणम् |
(मज्जूषा - रमणीयम्, श्रयेत्, प्राप्ता, भुङ्क्ते)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | योगिषु | सप्तमी |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | श्रेष्ठिनौ | ______ | प्रथमा |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| धाम्ना | ______ | ______ | तृतीया |
माध्यमभाषया सरलार्थं लिखत।
एकीभूय यथा सर्वे वर्णा गच्छन्ति शुक्लताम्।
तथा सम्भूय शंसन्ति धर्मा मानवतागुणम्।।
