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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में सारगर्भित अनुच्छेद लिखिए-
जीवन का कठिन दौर और मानसिक मज़बूती
संकेत-बिंदु-
- मानसिक दृढ़ता से मुश्किल हालातों का सामना संभव
- कठिन हालातों से दो-दो हाथ करने की शक्ति
- अनेक संघर्षशील व्यक्तियों के उदाहरण
- मानसिक दृढ़ता का संकल्प
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उत्तर
जीवन का कठिन दौर और मानसिक मज़बूती
हर व्यक्ति के जीवन में दुःख और सुख आते हैं। दुनिया में ऐसा कोई भी नहीं, जिसके जीवन में प्रतिकूल परिस्थितियाँ नहीं आती, परंतु कुछ लोग कठिनतम परिस्थितियों से भी सफलतापूर्वक लड़कर बाहर आ जाने की क्षमता रखते हैं, जब कि कुछ लोग धैर्य बनाए न रखने के कारण बिखर जाते हैं। धैर्य रखकर, शांति से चिंतन कर हम बड़े से बड़ी समस्याओं का समाधान कर सकते है। कठिन हालातो में हमें निराश नहीं होना चाहिए, विकट परिस्थितियों से लडने की क्षमता होनी चाहिए। हमने देखा है कि जितने भी सफल व्यक्ति हुए है या महान व्यक्तित्व है उन्होंने विकट परिस्थितियों का सामना बड़े साहस के साथ किया है। हमारे देश के राष्ट्रपति रह चुके अब्दुल कलाम जी का जीवन भी संघर्षों भरा था। जब वे छोटे थे उस वक्त उनके घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी परंतु उन्होंने हिम्मत नहीं हारी व अपने अथक प्रयास से वे एक वे सात सृष्टि में प्रसिद्ध हुए ।
हमारे सविंधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर इनका जीवन भी संघर्षमयी था। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने दलितों के उत्थान और भारत में पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए अपना पूरे जीवन का परित्याग कर दिया। उन्हें जातिगत भेदभाव का शिकार होना पड़ा था। फिर भी वे हार नहीं माने और तमाम संघर्षों के बाद अच्छी शिक्षा हासिल की।
जीवन संघर्ष का ही दूसरा नाम है। इस सृष्टि में छोटे-से-छोटे प्राणी से लेकर बड़े-से-बड़े प्राणी तक, सभी को किसी-न-किसी रूप में संघर्ष करना पढ़ता है। बिना संघर्ष के जीवन का कोई अस्तित्व नहीं है। जीवन में संघर्ष हमें बहुत कुछ सिखाता है।
Notes
- विषयवस्तु - 4 अंक
- भाषा - 1 अंक
- प्रस्तुति - 1 अंक
