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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 150 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए।
पॉलीथिन थैलियों पर अनिवार्य प्रतिबंध
- पॉलीथिन थैलियों का प्रचलन, प्रसार
- प्रतिबंध की आवश्यकता
- सरकार और आम आदमी के सहयोग
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उत्तर
पॉलीथिन थैलियों पर अनिवार्य प्रतिबंध
आज प्लास्टिक बैग का उपयोग हम सभी के लिए बहुत जरूरी है और इसका प्रयोग बहुत से उद्देश्यों के लिए किया जाता है। सबसे ज्यादा पॉलीथिन का प्रयोग किराने की दुकान पर फल और सब्जियों की दुकान पर किया जाता है। मार्केट में सभी प्रकार की पॉलीथिन आसानी से मिल जाती है। आज मार्केट में उपलब्ध यह प्लास्टिक बैग बहुत बड़ी समस्या का विषय भी बना हुआ है, क्योंकि पॉलीथिन की वजह से भूमि, वायु और जल प्रदुषण हो रहा है। पॉलीथिन हमारे पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुँचा रही है। पर्यावरण को इसके हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक है।
पॉलीथिन के बढ़ते प्रदुषण को रोकने के लिए हमारी सरकार ने प्लास्टिक की थैलियों पर प्रतिबंध भी लगा दिया है। हालाँकि अभी इस योजना को पूरे देश में लागू नहीं किया गया है, लेकिन फिर भी सभी लोगों को समझना चाहिए कि यह जो प्रतिबंध लगाया गया है, वो हम सभी देशवासियों की भलाई के लिए लगाया गया है। पर्यावरण को स्वच्छ रखना हमारी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उसके लिए हम को पॉलीथिन के प्रयोग को रोकना बहुत जरूरी है। इसके ज्यादा प्रयोग से हमारे पर्यावरण को बहुत नुकसान हो रहा है। इससे भूमि प्रदुषण, वायु प्रदुषण होता है। प्लास्टिक की थैलियाँ प्रयोग में लेने के बाद में जब आप फेंक देते हैं तो वह ना तो जलती है, ना गलती है बल्कि लंबे समय तक भूमि पर पड़े रहने के बाद वह हमारी भूमि को भी अनुर्वर बना देती है।
हमारी सरकार ने पॉलीथिन पर कानूनी रूप से प्रतिबंध तो लगा दिया, लेकिन अभी भी व्यावहारिक रूप से इसका प्रयोग बंद नहीं हुआ है। इसलिए हम सभी को मिलकर इसको रोकने के उपाय करने होंगे। सबसे पहले हमें सामान खरीदने के लिए पॉलीथिन की जगह कपड़े के थैले और जूट के थैले का इस्तेमाल करना चाहिए। सबसे पहले हमें उन दुकानदारों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, जो अभी भी प्लास्टिक की थैलियों का व्यवसाय कर रहे हैं। उन दुकानदारों पर भारी जुर्माना लगाकर उनको बंद करना होगा।
हमारे देश में लोगों को समझना चाहिए कि प्लास्टिक की पॉलीथिन हमें कितनी हानि पहुँचाती हैं और अप्रत्यक्ष रूप से हमारे जीवन को नष्ट कर रही है। सरकार ने तो इस पर पूरी तरीके से पाबंदी लगा दी है बस अब हमें ही जागरूक होकर इसका पालन करना है और अपने देश को स्वच्छ और सुंदर बनाना है।
