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प्रश्न
निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:
एक म्यान में दो तलवारें, कभी नहीं रह सकती हैं।
किसी और पर प्रेम पति का, नारियाँ नहीं सह सकती हैं।
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उत्तर
दृष्टांत अलंकार
संबंधित प्रश्न
निम्न वाक्य में अलंकार पहचानकर बताइए :
मेरी भव-बाधा हरौ राधा नागरि सोई।
जा तन की झाईं परै, स्यामु हरित दुति होई।।
निम्न वाक्य में अलंकार पहचानकर बताइए :
जेते तुम तारे तेते नभ में न तारे हैं।
निम्न वाक्य में अलंकार पहचानकर बताइए :
संसार की समरस्थली में धीरता।
निम्न वाक्य में अलंकार पहचानकर बताइए :
चमचमात चंचल नयन बिच घूँघट पर झीन
मानहु सुरसरिता विमल जल बिछुरत जुग मीन।।
निम्न वाक्य में अलंकार पहचानकर बताइए :
मानो घर-घर न हो, जैसे कोई चिड़ियाघर हो।
जिसमें खूँखार जानवर आबाद हों।
अलंकार बताइए:
खिली हुई हवा आई, फिरकी-सी आई, चली गई
उपमा अलंकार के दो उदाहरण छाँटिए।
उत्प्रेक्षा अलंकार का प्रयोग कहाँ और क्यों किया गया है? उदाहरण सहित उल्लेख कीजिए।
निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कीजिए।
कहि कहि आवन छबीले मनभावन को, गहि गहि राखति ही दैं दैं सनमान को।
निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कीजिए।
अब न घिरत घन आनंद निदान को।
कविता में रूपक अलंकार का प्रयोग कहाँ-कहाँ हुआ है? संबंधित वाक्यांश को छाँटकर लिखिए।
अपने द्वारा इस सत्र में पढ़ी किन्हीं दो कविताओं में प्रयुक्त अलंकारों के महत्व का वर्णन कीजिए।
निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।
चरण सरोज पखारन लागा।
निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।
जान पड़ता है नेत्र देख बड़े-बड़े।
हीरकों में गोल नीलम हैं जड़े।।
"अर्थ बिना कब पूर्ण हैं, शब्द, सकल जग-काज।
अर्थ अगर आ जाए तो, ठाठ-बाट औ राज।।"
इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है-
निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उपप्रकार लिखिए:
| वाक्य | प्रकार | उपप्रकार |
| पायो जी मैंने राम रतन धन पायो | ______ | ______ |
निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।
पड़ी अचानक नदी अपार।
घोड़ा उतरे कैसे पार ॥
राणा ने सोचा इस पार।
तब तक चेतक था उस पार ॥
निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।
निकसे जनु जुण विमले बिंधु, जलद परले बिलगाइ ॥
निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।
निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।
रघुबर बाल पतंग।।
निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनका नाम लिखिए:
पत्रा ही तिथि पाइयै, वाँ घर के चहुँ पास।
नितप्रति पून्योई रहै, आनन-ओप उजास।।
निम्नलिखित उदाहरण के अलंकार पहचानकर लिखिए।
ऊँची-नीची सड़क, बुढ़िया के कूबड़-सी।
नंदनवन-सी फूल उठी, छोटी-सी कुटिया मेरी।
निम्नलिखित उदाहरण के रस पहचानकर लिखिए।
कहूँ सुलगत कोउ चिता कहूँ कोड जात लगाई।
एक लगाई जात एक की राख बुझाई।
निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उप-प्रकार लिखिए:
| वाक्य | प्रकार | उप-प्रकार |
| कनक-कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय। जो खाए बौराय जग, जो पाए बौराय। |
निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
“मंगन को देखि पट देत बार-बार है।” इस पंक्ति में निहित अलंकार है -
“सो जनु हमरेहि माथें काढ़ा। दिन चलि गए ब्याज बड़ बाढ़ा।” इस चौपाई में प्रयुक्त अलंकार है -
“पल-पल परिवर्तित प्रकृति वेश।” इस काव्य-पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार है -
“प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै।” इस काव्य-पंक्ति में अलंकार है -
निम्नलिखित में अलंकार है - 'मनहूँ रंक निधि लूटन लागी।'
“वह शर इधर गांडीव गुण से भिन्न जैसे ही हुआ, धड़ से जयद्रथ का उधर सिर छिन्न वैसे ही हुआ।” - काव्य-पंक्ति में अलंकार है -
'उस काल मारे क्रोध के, तन काँपने उसका लगा। मानो हवा के जोर से, सोता हुआ सागर जगा।' में अलंकार है -
'सुबरन को खोजत फिरत कवि, व्यभिचारी, चोर।' में अलंकार है -
'आगे नदियाँ पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार।
राणा ने सोचा इस पार, तब तक चेतक था उस पार।'
- प्रस्तुत पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -
'को घटि ये वृषभानुजा वे हलधर के वीर' - प्रस्तुत पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार है -
स्तम्भ-I और स्तम्भ-II को उचित विकल्प से सुमेलित कीजिए -
| स्तम्भ-I | स्तम्भ-II | ||
| (I) | हेमकुंभ ले उषा सवेरे भरती ढुलकाती सुख मेरे। | (अ) | श्लेष अलंकार |
| (II) | हरिमुख मानो मधुर मयंक। | (ब) | उत्प्रेक्षा अलंकार |
| (III) | पानी गए न ऊबरै, मोती मानुष चून। | (स) | मानवीकरण अलंकार |
निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:
उधो, मेरा हृदयतल था एक उद्यान न्यारा।
शोभा देतीं अमित उसमें कल्पना-क्यारियाँ भी।।
निम्नलिखित पंक्ति मैं उद्धृत अलंकार पहचानकर उनके नाम लिखिए:
चरण-कमल-सम-कोमल।
