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प्रश्न
निम्नलिखित के लिए कारण दीजिए:
आयत को एक विशेष प्रकार का समांतर चतुर्भुज समझा जा सकता है।
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उत्तर
जब किसी समांतर चतुर्भुज का प्रत्येक कोण समकोण होता है तो उसे आयत कहते हैं।समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ समान्तर और बराबर होती हैं। एक आयत में सम्मुख भुजाएँ समान्तर और बराबर होती हैं। साथ ही, आयत के सभी आंतरिक कोण एक ही माप के हैं, यानी 90º। दूसरे शब्दों में, प्रत्येक कोण समकोण वाला एक समांतर चतुर्भुज एक आयत बन जाता है।
संबंधित प्रश्न
आयत का प्रत्येक कोण समकोण होता है।
आयत की सम्मुख भुजाओं की लंबाई बराबर होती है।
वर्ग के विकर्ण एक दूसरे पर लंब होते हैं।
जाँच कीजिए कि क्या निम्नलिखित आकृति एक बहुभुज है? यदि ऐसा नहीं है तो कारण बताइए।

जाँच कीजिए कि क्या निम्नलिखित आकृति एक बहुभुज है? यदि ऐसा नहीं है तो कारण बताइए।

जाँच कीजिए कि क्या निम्नलिखित आकृति एक बहुभुज है? यदि ऐसा नहीं है तो कारण बताइए।

बहुभुज का नाम लिखिए।

दो और उदाहरण बनाइए।
किसी बहुभुज का विकर्ण उसके किन्हीं दो शीर्षों (आसन्न शीर्षों को छोड़कर) को जोड़ने से प्राप्त होता है (यह इसकी भुजाएँ नहीं होता है)। एक पंचभुज का रफ़ चित्र खींचिए और उसके विकर्ण खींचिए।
एक आयत के विकर्ण परस्पर बराबर और लंब हैं। क्या यह कथन सत्य है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
त्रिज्या 3 cm का एक वृत्त खींचिए और उसका एक व्यास खींचिए। इसे AC से नामांकित कीजिए। इसका लंब समद्विभाजक खींचिए तथा इसे वृत्त को B और D पर प्रतिच्छेद करने दीजिए। तब, ABCD किस प्रकार का चतुर्भुज है? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।
