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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-बहुत दिनान को अवधि आसपास परे/खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को

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प्रश्न

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
बहुत दिनान को अवधि आसपास परे/खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को

टीपा लिहा
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उत्तर

बहुत दिनान को अवधि आसपास परे/खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को- प्रस्तुत पंक्ति का आशय है कि तुम्हारे इंतज़ार में बहुत दिन का समय इसी आस में व्यतीत हो गया कि तुम आओगी। मेरे प्राण अब तो निकल जाने को व्यग्र हैं। अर्थात निकलने वाले हैं। भाव यह है कि कवि इस आस में था कि उसकी प्रेमिका अवश्य आएगी परन्तु वह नहीं आयी। अब उसके जीवन के कुछ ही दिन शेष बचे हैं और वह उसे अपने अंतिम दिनों में देखना चाहता है।

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कवित्त
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पाठ 1.09: घनानंद (कवित्त/सवैया) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६८]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
पाठ 1.09 घनानंद (कवित्त/सवैया)
प्रश्न-अभ्यास | Q 7. (क) | पृष्ठ ६८

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संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
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अधर लगे हैं आनि करि कै पयान प्रान,
चाहत चलन ये सैंदेसो लै सुजान को।


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