मराठी

सुधा मंदिर के बाहर और आँगन की क्या विशेषता है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सुधा मंदिर के बाहर और आँगन की क्या विशेषता है?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

सुधा मंदिर के बाहर उज्ज्वल चाँदनी फैलने से ऐसा लग रहा है मानों चारों ओर दही का समुद्र उमड़ रहा हो। इस मंदिर का आँगन इतना सुंदर और उज्ज्व ल है जैसे पूरे आँगन में दूध का झाग भर गया हो। यह सुधा मंदिर बाहर और भीतर दोनों स्थानों पर कल्पना से भी सुंदर है।

shaalaa.com
कवित्त
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

दूसरे कवित्त के आधार पर स्पष्ट करें कि ऋतुराज वसंत के बाल-रूप का वर्णन परंपरागत वसंत वर्णन से किस प्रकार भिन्न है।


चाँदनी रात की सुंदरता को कवि ने किन-किन रूपों में देखा है?


'प्यारी राधिका को प्रतिबिंब सो लगत चंद' - इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करते हुए बताएँ कि इसमें कौन-सा अलंकार है?


कवि देव अपनी सहायता के लिए किसका आहवान कर रहे हैं?


कवि देव ने वसंत को किस अनूठे रूप में चित्रित किया है? उनकी यह कल्पना अन्य कवियों से किस तरह अलग है?


बालक वसंत का पालना कहाँ है? उसमें सजा बिस्तर किस तरह का है?


कामदेव के पुत्र को कौन, किस तरह प्रसन्न रखने का प्रयास कर रहा है?


कवि ने गुलाब का मानवीकरण किस तरह किया है?


कवि देव को चाँदनी रात में तारे कैसे दिख रहे हैं?


कवि देव ने चाँद का वर्णन परंपरा से हटकर किया है, स्पष्ट कीजिए।


कवि देव ने वसंत को राजा कामदेव का पुत्र क्यों कहा है?


कवि ने 'चाहत चलन ये संदेसो ले सुजान को' क्यों कहा है?


कवि मौन होकर प्रेमिका के कौन से प्रण पालन को देखना चाहता है?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
बहुत दिनान को अवधि आसपास परे/खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
मौन हू सौं देखिहौं कितेक पन पालिहौ जू/कूकभरी मूकता बुलाय आप बोलिहै।


संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए-
जान घनआनंद यों मोहिं तुम्है पैज परी ______ कबहूँ तौ मेरियै पुकार कान खोलि है।


आशय स्पष्ट कीजिए।

अधर लगे हैं आनि करि कै पयान प्रान,
चाहत चलन ये सैंदेसो लै सुजान को।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×