Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-
जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)
| बिपति | बादर |
| मछरी | सीत |
Advertisements
उत्तर
|
बिपति - |
विपत्ति |
|
बादर - |
बादल |
|
मछरी - |
मछली |
|
सीत - |
शीत |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्न
‘उथल-पुथल मचने’ से कवि का क्या अभिप्राय है?
कठपुतली को धागे में क्यों बाँधा जाता है?
बहुविकल्पी प्रश्न
यह गीत कैसा गीत है?
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → |
वह मोर सा नाचता है। |
मनीष के कान ______की तरह तेज़ है।
लड़की बिजली के घर क्यों जाना चाहती है?
कविता में आया है कि सूरज की माँ ने उसे घर के भीतर बुला लिया। पता करो कि क्या सूरज की भी माँ होती होगी?
'हम नया भूगोल बनाएँगे।'
ऊपर लिखी पंक्ति में 'भूगोल' शब्द की जगह और कौन-कौन से शब्द आ सकते हैं?
नीचे दिए गए बॉक्स में से छाँटो और कुछ शब्द स्वयं सोचकर लिखो।
| संसार | कल्पना | इंसान | पौधा | चेतना | जमाना | दुनिया | इतिहास |
तुम भी अपने संसार के बारे में कल्पनाएँ ज़रूर करते होंगे। अपने सपनों की दुनिया के बारे में बताओ।
स्वर्ण-श्रृंखला और लाल किरण - सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से ढूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिखिए।
कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की इच्छा है, लेकिन वह क्यों नहीं खड़ी होती?
'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-
(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
शाम के समय ये क्या करते हैं? पता लगाइए और लिखिए-
| पक्षी | खिलाड़ी | फलवाले | माँ |
| पेड़-पौधे | पिता जी | किसान | बच्चे |
बहुविकल्पी प्रश्न
भेड़ों के झुंड-सा अंधकार कहाँ बैठा है?
वृक्ष और सरोवर किस प्रकार दूसरों की भलाई करते हैं?
रहीम मनुष्य को धरती से क्या सीख देना चाहता है?
रहीम ने क्वार के बादलों की तुलना किससे और क्यों की है?
तिनकेवाली घटना से कवि को क्या प्रेरणा मिली?
मीरा ने सावन का वर्णन किस प्रकार किया है?
