Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नीचे दिए उदाहरण पढ़िए-
(क) बनत बहुत बहु रीत।
(ख) जाल परे जल जात बहि।
- उपर्युक्त उदाहरणों की पहली पंक्ति में 'ब' का प्रयोग कई बार किया गया है और दूसरी में 'ज' का प्रयोग। इस प्रकार बार-बार एक ध्वनि के आने से भाषा की सुंदरता बढ़ जाती है। वाक्य रचना की इस विशेषता के अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।
Advertisements
उत्तर
- चारू चंद्र की चंचल किरणें (यहाँ 'च' वर्ण की आवृति बार-बार हुई है)
- रघुपति राघव राजा राम (यहाँ 'र' वर्ण की आवृति बार-बार हुई है)
- विमल वाणी ने वीणा ली (यहाँ 'व' वर्ण की आवृति बार-बार हुई है)
- मुदित महीपति मंदिर आए (यहाँ 'म' वर्ण की आवृति बार-बार हुई है)
- तरनि तनूजा तट तमाल तरूवर बहुछाए (यहाँ 'त' वर्ण की आवृति बार-बार हुई है)
जहाँ एक ही वर्ण की आवृति एक से अधिक बार की जाए वहाँ 'अनुप्रास' अंलकार होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि अपनी कविता के माध्यम से आह्वान कर रहा है
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली गुस्से से क्यों उबल पड़ी
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि देशवासियों को कैसी तान सुनाना चाहता है?
कवि कैसी तान सुनाना चाहते हैं?
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।
उड़ने के बाद चुरुंगुन कहाँ-कहाँ गया होगा? उसने क्या-क्या देख होगा? अपने शब्दों में लिखो।
कविता में कवि ने बगीचे के बारे में बहुत कुछ बताया है। बताओ, नीचे लिखी चीज़ों में से कौन-सी चीज़ें बगीचे में होंगी?
|
कार |
फूल |
|
क्यारियाँ |
चिड़ियाँ |
|
सड़क |
फल |
|
खेत |
तालाब |
|
कारखाने |
पेड़ |
|
कुर्सी |
कागज़ |
|
पत्ता |
टहनी |
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
कवि 'हम धरती के लाल' ही क्यों कहना चाहते हैं?
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया इंसान बनाना
शाम के बदले यदि आपको एक कविता सुबह के बारे में लिखनी हो तो किन-किन चीजों की मदद लेकर अपनी कल्पना को व्यक्त करेंगे? नीचे दी गई कविता की पंक्तियों के आधार पर सोचिए
पेड़ों के झुनझुने
बजने लगे;
लुढ़कती आ रही है।
सूरज की लाल गेंद।
उठ मेरी बेटी, सुबह हो गई।
अंधकार दूर सिमटा कैसा लग रहा है?
बहुविकल्पी प्रश्न
“संपति सगे’ में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?
जीवन में मित्रों की अधिकता कब होती है?
‘एक तिनका’ कविता में किस घटना की चर्चा की गई है, जिससे घमंड नहीं करने का संदेश मिलता है?
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?
कवि छत की मुंडेर पर किस भाव में खड़ा था?
मीरा किसकी दीवानी थी?
मीरा को सावन मन भावन क्यों लगने लगा?
पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।
डाल - ढाल
