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प्रश्न
बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।
डाल - ढाल
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उत्तर
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कविता में कालकूट फणि की चिंतामणि शब्दों का अर्थ क्या है?
हमारे देश में पुराने समय से ही पेड़-पौधों को लगाने और उन्हें कटने से बचाने की परंपरा रही है। कई बार लोगों ने मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन भी किया। ऐसे ही किसी आंदोलन के बारे में जानकारी इकट्ठी करके कॉपी में लिखो। इसके लिए तुम्हें पुस्तकालय, समाचार-पत्रों, शिक्षिका या माता-पिता और इंटरनेट से भी सहायता मिल सकती है।
कविता में कवि बार-बार मान मिलने की बात करता है। मान मिलने से हमारे-तुम्हारे जीवन में क्या बदलाव आएगा?
कुछ ऐसे देशभक्तों के नाम-पता करके लिखो जो बचपन से ही आज़ादी की लड़ाई में कूद पड़े थे।
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तुम्हारे विचार से क्या रोज़ त्योहार मनाना उचित है? क्यों?
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क्या ऊपर लिखी बातें संभव हो सकती हैं? कारण भी पता करो?
नीचे लिखे शब्दों को तुम्हारे घर की भाषा में क्या कहते हैं?
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क |
देश______ |
घ |
जनता______ |
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ख |
धरती______ |
ङ |
त्योहार______ |
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ग |
दूध______ |
च |
इंसान______ |
पक्षी उन्मुक्त रहकर अपनी कौन-कौन सी इच्छाएँ पूरी करना चाहते हैं?
शाम के समय ये क्या करते हैं? पता लगाइए और लिखिए-
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बहुविकल्पी प्रश्न
सूरज डूबते ही क्या हुआ?
कविता में चित्रित शाम और सूर्यास्त के दृश्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
नीचे दिए गए दोहों में बताई गई सच्चाइयों को यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो उनके क्या लाभ होंगे? सोचिए और लिखिए-
(क) तरुवर फल ____________ सचहिं सुजान||
(ख) धरती की-सी ____________ यह देह||
इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
निम्न पंक्तियों को ध्यान से देखिए
‘कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ ______ एक हिलोर उधर से आए’,
इन पंक्तियों के अंत में आए, जाए जैसे तुक मिलानेवाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसे तुकबंदी या अंत्यानुप्रास कहते हैं। कविता से तुकबंदी के अन्य शब्दों को छाँटकर लिखिए। छाँटे गए शब्दों से अपनी कविता बनाने की कोशिश कीजिए।
कृष्ण को ‘गउवन के रखवारे’ कहा गया है जिसका अर्थ है गौओं का पालन करनेवाले। इसके लिए एक शब्द दें।
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
बिजली के आँगन में अम्माँ
