Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मनुष्य के हस्तक्षेप से गुस्साए समुद्र ने अपना गुस्सा किस तरह प्रकट किया?
Advertisements
उत्तर
मनुष्य के हस्तक्षेप को पहले तो समुद्र सहता रहा। मनुष्य ने जब उसके किनारे बस्ती बसाकर उसका दूर-दूर तक फैला रेतीला किनारा कब्ज़ाया तो वह शांत रहा पर मनुष्य के लोभ का अंत कहाँ। उसने जब हद कर दिया तो समुद्र को गुस्सा आया। उसने भीषण चक्रवात के रूप में अपना क्रोध प्रकट किया और अपने सीने पर तैरते तीन जहाज़ों को उठाकर बाहर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। इनमें से एक वर्ली के समुद्र के किनारे आ गिरा। दूसरा जहाज़ बांद्रा के कार्टर रोड के सामने आ गिरा और तीसरा जहाज़ गेट-वे-ऑफ़ इंडिया पर आ गिरा और इतना टूट-फूट गया कि फिर समुद्र के सीने पर चलने लायक न हो सका। अब यह पर्यटकों को देखने की वस्तु मात्र बनकर रह गया है।
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए −
लेखक का घर किस शहर में था?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए −
कबूतर परेशानी में इधर-उधर क्यों फड़फड़ा रहे थे?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
अरब में लशकर को नूह के नाम से क्यों याद करते हैं?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
लेखक की माँ ने पूरे दिन रोज़ा क्यों रखा?
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
शेख अयाज़ के पिता बोले, ‘नहीं, यह बात नहीं है। मैंने एक घरवाले को बेघर कर दिया है। उस बेघर को कुएँ पर उसके घर छोड़ने जा रहा हूँ।’ इन पंक्तियों में छिपी हुई उनकी भावना को स्पष्ट कीजिए।
पशु-पक्षी एवं वन्य संरक्षण केंद्रों में जाकर पशु-पक्षियों की सेवा-सुश्रूषा के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए।
अपने आसपास प्रतिवर्ष एक पौधा लगाइए और उसकी समुचित देखभाल कर पर्यावरण में आए असंतुलन को रोकने में अपना योगदान दीजिए।
किसी ऐसी घटना का वर्णन कीजिए जब अपने मनोरंजन के लिए मानव द्वारा पशु-पक्षियों का उपयोग किया गया हो।
नूह के लकब जिंदगी भर क्यों रोते रहे?
दुनिया के बारे में लेखक और आज के मनुष्य के विचारों में क्या अंतर है?
बढ़ती आबादी पर्यावरण के लिए हानिकारक सिद्ध हो रही है। स्पष्ट कीजिए।
मनुष्य के अत्याचार से क्रोधित प्रकृति किस तरह अपना भयंकर रूप दिखाती है?
लेखक के देखते-देखते वर्सावा में क्या-क्या बदलाव आए?
‘अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले’ पाठ का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए गए मानवीय क्रियाकलापों ने प्रकृति का नकारात्मक रूप में प्रभावित कर उसे असंतुलित किया है। प्रकृति के इस असंतुलन का मानवीय जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा है? 'अब कहाँ दूसरे के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के संदर्भ में लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ में ऐसे अनेक लोगों का उल्लेख है, जो जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील थे। आपकों उनमें से सबसे अच्छा कौन लगा? कारण सहित लिखिए।
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
प्रकृति में आए असंतुलन के लिए आप किसे जिम्मेदार ठहराते हैं और क्यों? 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले'- पाठ के संदर्भ में लिखिए।
