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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए −
लेखक का घर किस शहर में था?
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उत्तर
लेखक का घर पहले ग्वालियर में था, फिर बम्बई वर्सोवा में रहने लगे।
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए −
कबूतर परेशानी में इधर-उधर क्यों फड़फड़ा रहे थे?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
लेखक की माँ किस समय पेड़ों के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
लेखक की माँ ने पूरे दिन रोज़ा क्यों रखा?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक किन बदलावों को महसूस किया? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
'डेरा डालने' से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
‘मट्टी से मट्टी मिले,
खो के सभी निशान,
किसमें कितना कौन है,
कैसे हो पहचान’
इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था।
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
जो जितना बड़ा होता है उसे उतना ही कम गुस्सा आता है।
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया है। इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं। जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है।
पशु-पक्षी एवं वन्य संरक्षण केंद्रों में जाकर पशु-पक्षियों की सेवा-सुश्रूषा के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए।
नूह के लकब जिंदगी भर क्यों रोते रहे?
मानव-जाति ने किस तरह अपनी बुद्धि से दीवारें खड़ी की हैं?
बढ़ती आबादी पर्यावरण के लिए हानिकारक सिद्ध हो रही है। स्पष्ट कीजिए।
लेखक की माँ उसे प्रकृति संबंधी उपदेश क्यों दिया करती थी?
लेखक के देखते-देखते वर्सावा में क्या-क्या बदलाव आए?
‘अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले’ पाठ का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।
ग्वालियर से मुंबई के बीच लेखक ने एक बदलाव महसूस किया कि ______।
'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के लेखक की माँ उन्हें क्या करने के लिए प्रेरित करती थी?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए गए मानवीय क्रियाकलापों ने प्रकृति का नकारात्मक रूप में प्रभावित कर उसे असंतुलित किया है। प्रकृति के इस असंतुलन का मानवीय जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा है? 'अब कहाँ दूसरे के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के संदर्भ में लिखिए।
