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दुनिया के बारे में लेखक और आज के मनुष्य के विचारों में क्या अंतर है?

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प्रश्न

दुनिया के बारे में लेखक और आज के मनुष्य के विचारों में क्या अंतर है?

टीपा लिहा
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उत्तर

दुनिया के बारे में लेखक का विचार उदारतापूर्ण था। उसका मानना था कि धरती किसी एक की नहीं है। इसमें मानव के साथ-साथ पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की बराबर हिस्सेदारी है पर आज के मनुष्यों में इतनी आत्मकेंद्रितता और स्वार्थपरता आ गई है कि वे समूची दुनिया पर सिर्फ अपना हक समझ बैठते हैं।

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अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.6: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
पाठ 2.6 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
अतिरिक्त प्रश्न | Q 5

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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए −
जीवन कैसे घरों में सिमटने लगा है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
प्रकृति में आए असंतुलन का क्या परिणाम हुआ?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-
‘मट्टी से मट्टी मिले,
खो के सभी निशान,
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
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पशु-पक्षी एवं वन्य संरक्षण केंद्रों में जाकर पशु-पक्षियों की सेवा-सुश्रूषा के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए।


अपने आसपास प्रतिवर्ष एक पौधा लगाइए और उसकी समुचित देखभाल कर पर्यावरण में आए असंतुलन को रोकने में अपना योगदान दीजिए।


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मनुष्य के हस्तक्षेप से गुस्साए समुद्र ने अपना गुस्सा किस तरह प्रकट किया?


पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता में लेखक ने अपनी माँ और पत्नी के दृष्टिकोण में क्या अंतर अनुभव किया?


ग्वालियर से मुंबई के बीच लेखक ने एक बदलाव महसूस किया कि ______।


'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के लेखक की माँ उन्हें क्या करने के लिए प्रेरित करती थी?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए गए मानवीय क्रियाकलापों ने प्रकृति का नकारात्मक रूप में प्रभावित कर उसे असंतुलित किया है। प्रकृति के इस असंतुलन का मानवीय जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा है? 'अब कहाँ दूसरे के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के संदर्भ में लिखिए।


गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

प्रकृति में आए असंतुलन के लिए आप किसे जिम्मेदार ठहराते हैं और क्यों? 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले'- पाठ के संदर्भ में लिखिए।


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