मराठी

बहुविकल्पीय प्रश्न माँ के आँचल की छाया में बच्ची कैसा महसूस करती है? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

माँ के आँचल की छाया में बच्ची कैसा महसूस करती है?

पर्याय

  • निर्भय

  • उदास

  • भयभीत

  • इनमें कोई नहीं

MCQ
Advertisements

उत्तर

निर्भय

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 13: मैं सबसे छोटी होऊँ - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 13 मैं सबसे छोटी होऊँ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

संबंधित प्रश्‍न

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चिड़िया को पसंद है-


चिड़िया अपना जीवन कैसे व्यतीत करती है?


चिड़िया के माध्यम से कवि हमें क्या संदेश देना चाहते हैं?


'बिलकुल गोल' - कविता में इसके दो अर्थ हैं-

(क) गोल आकार का

(ख) गायब होना!

ऐसे तीन शब्द सोचकर उनसे ऐसे वाक्य बनाओ कि शब्दों के दो-दो अर्थ निकलते हों।


बहुवैकल्पिक प्रश्न

“चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के कवि कौन हैं?


चाँद की पोशाक की क्या विशेषता है?


कविता की दूसरी पंक्ति में भारत को 'बूढ़ा' कहकर और उसमें 'नई जवानी' आने की बात कहकर सुभद्रा कुमारी चौहान क्या बताना चाहती हैं?


बहुविकल्पीय प्रश्न
लक्ष्मीबाई का प्रिय खेल था?


ब्रिटिश सरकार ने झाँसी के दुर्ग पर झंडा क्यों फहराया?


अंग्रेज़ों ने भारत के किन-किन क्षेत्रों पर अधिकार कर लिया था?


रानियों और बेगमों की क्या दशा थी?


अंग्रेज़ों के कुचक्र के विरुद्ध रानी ने अपनी वीरता का परिचय कैसे दिया?


भारतीयों ने अंग्रेजों को दूर करने का निश्चय क्यों किया था?


बहुविकल्पीय प्रश्न

सबसे छोटी होने की कामना क्यों की गई है?


बहुविकल्पीय प्रश्न

बड़ी बनने का क्या नुकसान है?


बहुविकल्पी प्रश्न

‘वन के मार्ग में’ पाठ के कवि कौन हैं?


राम और सीता कहाँ जाने के लिए निकले थे?


सीता जी बेचैन होकर श्रीराम से क्या बातें कही?


“धरि धीर दए’ का आशय क्या है?


मिट्टी का गहरा अंधकार, डूबा है उसमें एक बीज ।” उसमें एक बीज डूबा है।
जब हम किसी बात को कविता में कहते हैं तो वाक्य के शब्दों के क्रम में बदलाव | आता है, जैसे-“छाँह घरीक है ठाढ़े” को गद्य में ऐसे लिखा जा सकता है। “छाया में एक घड़ी खड़ा होकर” । उदाहरण के आधार पर नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को गद्य के शब्दक्रम में लिखो।

पुर ते निकसी रघुबीर-बधू,
पुट सूखि गए मधुराधर वै।
बैठि बिलंब लौं कंटक काढ़े।
पर्नकुटी करिहौं कित है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×