मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

लिखिए : लेखिका ऐसे साहित्‍य को साहित्‍य नहीं मानती

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

लिखिए :

 

तक्ता
Advertisements

उत्तर

लेखिका ऐसे साहित्‍य को साहित्‍य नहीं मानती :

  • जो रचना जनसाधारण को ऊँचा नहीं उठाती
  • जो रचना पाठकों को सोचने-समझने के लिए विवश नहीं करती |
shaalaa.com
बातचीत
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.08: बातचीत - स्‍वाध्याय [पृष्ठ ९८]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Kumarbharati Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 2.08 बातचीत
स्‍वाध्याय | Q (६) | पृष्ठ ९८

संबंधित प्रश्‍न

एक-दो शब्‍दों में उत्‍तर लिखिए :

पाठकों द्वारा शिवानी की सराहनीय कृति - ______ 


कारण लिखिए :

शिवानी जी लेखिका बन गईं ______ 


कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो।

पुल्लिंग:

मैं दूध ______ (पी) 


कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो।

पुल्लिंग:

तुम केला ______ (खा) 


कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो। स्त्रीलिंग:

तुम कबड्डी ______ (खेल) 


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
          मैं चाय नहीं पीता।

मोहन क्रिकेट खेलता है। (फुटबाल) 


नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।

नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।

शीला गाना गाती है।(नाचना)


मैं सुबह ______ उठता हूँ।


अध्यापिका हिंदी कैसे पढ़ाती हैं? 


निम्नलिखित गदयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :

दुर्गा प्र. नौटियालः  आपने अब तक काफी साहित्‍य रचा है। क्‍या आप इससे संतुष्‍ट हैं? 
शिवानी: जहाँ तक संतुष्‍ट होने का संबंध है, मैं समझती हूँ कि किसी को भी अपने लेखन से संतुष्‍ट नहीं होना चाहिए। मैं चाहती हूँ कि ऐसे लक्ष्य को सामने रखकर कुछ ऐसा लिखूँ कि जिस परिवेश को पाठक ने स्‍वयं भोगा है, उसे जीवंत कर दूँ। मुझे तब बहुत ही अच्छा लगता है जब कोई पाठक मुझे लिख भेजता है कि आपने अमुक-अमुक चरित्र का वास्‍तविक वर्णन किया है अथवा फलाँ-फलाँ चरित्र, लगता है, हमारे ही बीच है। लेकिन साथ ही मैं यह मानती हूँ कि लोकप्रिय होना न इतना आसान है और न ही उसे बनाए रखना आसान है। मैं गत पचास वर्षों से बराबर लिखती आ रही हूँ। पाठक मेरे लेखन को खूब सराह रहे हैं। मेरे असली आलोचक तो मेरे पाठक हैं, जिनसे मुझे प्रशंसा और स्‍नेह भरपूर मात्रा में मिलता रहा है। शायद यही कारण है कि मैं अब तक बराबर लिखती आई हूँ।
  1. कृति पूर्ण कौजिए:   (2)



  2. 'परिवेश का प्रभाव व्यक्तित्व पर होता है' विषय 25 से 30 शब्दों अपने विचार लिखिए।   (2)

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×