Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्या होता है जब एक परखनली में एक अम्ल का विलयन, एक क्षार के विलयन के साथ मिलाया जाता है?
- विलयन का ताप बढ़ता है
- विलयन का ताप घटता है
- विलयन का ताप समान रहता है
- लवण का निर्माण होता है
पर्याय
केवल (i)
(i) तथा (iii)
(ii) तथा (iii)
(i) तथा (iv)
Advertisements
उत्तर
विलयन का ताप बढ़ता है तथा लवण का निर्माण होता है
स्पष्टीकरण -
लवण उदासीनीकरण अभिक्रिया में बनता है। यह हमेशा उष्माक्षेपी होता है और तापमान बढ़ता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कोई धातु यौगिक ‘A’ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि उत्पन्न यौगिकों में एक से कैल्सियम क्लोराइड हैं, तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए,न कि जल को अम्ल में?
जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन (OH–) की सांद्रता कैसे प्रभावित होती है?
सोडियम कार्बोनेट क्षारकीय लवण है। क्योंकि यह लवण है ______
विद्युत्-अपघट्य के विद्युत चालकता के प्रदर्शन के प्रयास के लिए निम्नलिखित उपकरण लगाया गया।

निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है (हैं)?
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि विद्युत अपघट्य अम्ल नहीं है।
- बल्ब चमकेगा क्योंकि NaOH एक प्रबल क्षार है तथा चालन के लिए आयन उपलब्ध कराएगा।
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि परिपथ अपूर्ण है।
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि यह विद्युत-अपघट्य के विलयन के प्रकार पर निर्भर करता है।
क्लोर-क्षारक प्रक्रम में अभिक्रिया के सही प्रदर्शन को पहचनिए।
क्या होता है जब अण्ड कवच में नाइट्रिक अम्ल मिलाया जाता है?
सोडियम हाइड्रोक्साइड के निर्माण के लिए प्रयुक्त औद्योगिक प्रक्रमों में से एक में गैस X एक सह-उत्पाद के रूप में बनती है। गैस X चूने के पानी से अभिक्रिया यौगिक Y देती है जो की रासायनिक उद्योगों में विरंजक कारक के रूप में प्रयुक्त होता है। संबंधित अभिक्रिया एवं रासायनिक समीकरण देते हुए X तथा Y को पहचानिए।
प्रबल एवं दुर्बल अम्ल क्या है? अम्लों की निम्नलिखित सूचि से प्रबल अम्लों को दुर्बल अम्लों से पृथक कीजिए।
हाड्रोक्लोरिक अम्ल, साइट्रिक अम्ल, ऐसीटिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल, फार्मिक अम्ल, सल्फ्यूरिक अम्ल।
एक धातु कार्बोनेट X, एक अम्ल से अभिक्रिया कर एक गैस देता है जो एक विलयन Y से गुजारने पर पुनः धातु कार्बोनेट देती है। वहीं दूसरी और एक गैस G जो की ब्राइन के विदयुत अपघटन पर ऐनोड पर प्राप्त होती है। शुष्क Y में से प्रवाहित करने पर एक यौगिक Z देती है जिसका उपयोग पेयजल को रोगाणुनाशी करने के लिए होता है। X, Y, G तथा Z को पहचानिए।
