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क्लास में तीन या चार बच्चों के समूह में बँट जाओ। इन चीजों को इकट्ठा  करो। काँच का गिलास या चौड़े मुँह वाली बोतल, रुई, रबर-बैंड या धागा, कुछ दाने साबूत मूँग, गेहूँ, बाजरा, सरसों

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प्रश्न

क्लास में तीन या चार बच्चों के समूह में बँट जाओ। इन चीजों को इकट्ठा  करो।

काँच का गिलास या चौड़े मुँह वाली बोतल, रुई, रबर-बैंड या धागा, कुछ दाने साबूत मूँग, गेहूँ, बाजरा, सरसों, चना या राजमा।

अब यह प्रयोग करो। हर समूह अलग-अलग प्रकार के बीज लें। एक ही तरह के (5-6) बीजों को एक कटोरी पानी में रात भर भिगो दो। एक काँच का गिलास या फिर चौड़े मुँह वाली बोतल लो। इसके मुँह पर रुई की एक तह गीली करके रखो। इसे रबर-बैंड या धागे से बाँध दो। भीगे हुए इन बीजों को गीली रुई पर रखो। ध्यान रखें कि रुई गीली रहे। इसे दस-बारह दिन तक रोज देखो। क्या बीजों में से कुछ निकलता हुआ दिखाई दे रहा है? पौधा चौथे और आठवें दिन कैसा दिखता है, उसका चित्र बनाओ।

इन प्रश्नों के उत्तर कॉपी में लिखो

  • सूखे और भिगोये हुए बीजों में क्या अंतर दिखे?
  • अगर रुई सूखी रह जाती, तो क्या होता?
  • जड़ किंस तरफ़ उगी? तना किस तरफ़ उगा?
  • ये पौधे रुई में कितने बड़े हो पाए?
  • क्या सभी बीजों में से पौधे निकले?
  • जड़ों का रंग क्या है?
  • क्या तुम्हें जड़ों पर बाल दिखाई दे रहे हैं?
  • इन पौधों को रुई से अलग करने की कोशिश करो। क्या अलग कर पाए? क्यों?
  • तुमने देखा कि जड़ों ने रुई को जकड़ा हुआ था। तुम क्या सोचते हो, क्या इसी तरह से जड़ें मिट्टी को जकड़े रहती हैं?
  • अपने दोस्तों के उगाये हुए पौधों को भी देखो।
थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

हाँ, बीजों में से अंकुरन निकलता दिखाई दे रहा है।


   दिन 4


    दिन 8

  • भींगे हुए बीज फूल कर बड़े हो गए थे।
  • अगर रूई सूखी रह जाती, तो बीज में अंकुर नहीं निकलता।
  • जड़ नीचे की तरफ़ तथा तना ऊपर की तरफ़ उगी।
  • पौधे रूई में लगभग 2 सें.मी. तक बड़े हो पाए।
  • नहीं, कुछ बीजों में से पौधे नहीं निकले।
  • जड़ों का रंग हल्का मटमैली है।
  • जड़ों को गौर से देखने पर बाल दिखाई दे रहे हैं।
  • पौधों को रूई से अलग करने में कठिनाई हो रही है। क्योंकि जड़ें रूई में उलझ गई हैं।
  • हाँ, जड़ें इसी तरह मिट्टी को जकड़े रहती हैं।
  • मेरे दोस्तों के द्वारा उगाये गए पौधों की जड़ों ने भी रूई को जकड़ लिया है।
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जड़ों का जाल
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 19: जड़ों का जाल - आओ करें [पृष्ठ १६२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
पाठ 19 जड़ों का जाल
आओ करें | Q 1 | पृष्ठ १६२

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