मराठी

आरिफ़ और रूपाली में आपस में बहस छिड़ गई कि ये-ये चीज़ें बढ़ती हैं। आरिफ़ - पत्ते, मुन्ना, कली, पिल्ला, नाखून, गाड़ी रूपाली - चाँद, पेड़, मैं, बाल, तरबूज़, मच्छर, कौआ तुम्हें क्या लगता है

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

आरिफ़ और रूपाली में आपस में बहस छिड़ गई कि ये-ये चीज़ें बढ़ती हैं।

आरिफ़ - पत्ते, मुन्ना, कली, पिल्ला, नाखून, गाड़ी

रूपाली - चाँद, पेड़, मैं, बाल, तरबूज़, मच्छर, कौआ

  • तुम्हें क्या लगता है, इनमें से कौन-कौन सी चीज़ें बढ़ती हैं?
  • तुम भी अपनी एक सूची बनाओ और लिखो। आपकी सूची में उन चीजों के नाम शामिल हो सकते हैं जो आरिफ़ और रूपाली की सूची में हैं।
टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

  • आरिफ़ और रूपाली के सूची के सभी चीज़ें बढ़ती हैं।
  • बिल्लियाँ, कुत्ते, चूहे, पौधे, छिपकली, बाल, नाखून आदि सभी बढ़ते हैं।
shaalaa.com
जड़ों का जाल
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 19: जड़ों का जाल - क्या-क्या बढ़ता है? [पृष्ठ १६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
पाठ 19 जड़ों का जाल
क्या-क्या बढ़ता है? | Q 1 | पृष्ठ १६४

संबंधित प्रश्‍न

क्या सभी पौधों की जड़ें होती हैं?


मुरझाए हुए पौधों को पानी देने से उनकी पत्तियाँ फिर से हरी हो जाती हैं। कैसे?


तुम्हारे आस-पास किन पौधों को नियमित रूप से पानी देने की जरूरत होती है?

  • अगर इन पौधे को पानी न दें, तो क्या होगा?

अब्दुल का ध्यान इस बात पर गया कि उसने तो कभी नीम के पेड़ को पानी नहीं दिया। उसने सोचा, “नीम के पेड़ को पानी मिलता कहाँ से है?”


अब्दुल को यह सोचकर आश्चर्य हुआ, क्या मूली भी जड़ है। क्यों?


नीचे दिए गए चित्रों को देखो। पता लगाओ, इनमें कौन-सी सब्ज़ियाँ पौधों की जड़े हैं।


आजकल तो अब्दुल के दिमाग में पौधे ही घूमते हैं। उनके बारे में अनेकों सवाल उठते हैं।

स्कूल की दीवार से एक पौधा निकलते देखकर अब्दुल सोचने लगा-

  • इस पौधे की जड़ें कहाँ तक जा रही होंगी?
  • इसकी जड़ों को पानी कहाँ से मिलता होगा?
  • यह पौधा कितना बड़ा होगा?
  • दीवार का क्या होगा?
  • चित्र में दिखाए गए पौधे को पहचानो और नाम बताओ?

क्या तुमने कभी किसी दीवार की दरार से कोई पौधा उगते हुए देखा है?

  • कहाँ पर?
  • उसे देखकर क्या तुम्हारे मन में कोई सवाल उठा?
  • कुछ प्रश्न बताओ। अपने बड़ों से उनके उत्तर पता करो।
  • उस पौधे का नाम पता करो, जिसे तुमने देखा।

क्लास में तीन या चार बच्चों के समूह में बँट जाओ। इन चीजों को इकट्ठा  करो।

काँच का गिलास या चौड़े मुँह वाली बोतल, रुई, रबर-बैंड या धागा, कुछ दाने साबूत मूँग, गेहूँ, बाजरा, सरसों, चना या राजमा।

अब यह प्रयोग करो। हर समूह अलग-अलग प्रकार के बीज लें। एक ही तरह के (5-6) बीजों को एक कटोरी पानी में रात भर भिगो दो। एक काँच का गिलास या फिर चौड़े मुँह वाली बोतल लो। इसके मुँह पर रुई की एक तह गीली करके रखो। इसे रबर-बैंड या धागे से बाँध दो। भीगे हुए इन बीजों को गीली रुई पर रखो। ध्यान रखें कि रुई गीली रहे। इसे दस-बारह दिन तक रोज देखो। क्या बीजों में से कुछ निकलता हुआ दिखाई दे रहा है? पौधा चौथे और आठवें दिन कैसा दिखता है, उसका चित्र बनाओ।

इन प्रश्नों के उत्तर कॉपी में लिखो

  • सूखे और भिगोये हुए बीजों में क्या अंतर दिखे?
  • अगर रुई सूखी रह जाती, तो क्या होता?
  • जड़ किंस तरफ़ उगी? तना किस तरफ़ उगा?
  • ये पौधे रुई में कितने बड़े हो पाए?
  • क्या सभी बीजों में से पौधे निकले?
  • जड़ों का रंग क्या है?
  • क्या तुम्हें जड़ों पर बाल दिखाई दे रहे हैं?
  • इन पौधों को रुई से अलग करने की कोशिश करो। क्या अलग कर पाए? क्यों?
  • तुमने देखा कि जड़ों ने रुई को जकड़ा हुआ था। तुम क्या सोचते हो, क्या इसी तरह से जड़ें मिट्टी को जकड़े रहती हैं?
  • अपने दोस्तों के उगाये हुए पौधों को भी देखो।

  • क्या आप बरगद के पेड़ पर झूले हैं?
  • आपने झूलते समय क्या पकड़ रखा था?
  • क्या तुमने कभी कोई ऐसा पेड़ देखा है, जिसकी जड़ें, टहनियों से लटकती हों?

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×