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घास का छोटा-सा पौधा भी आसानी से क्यों नहीं निकल पाया, जबकि मटर की बेल के सहारे के लिए लगी डंडी एक झटके में गिर गई?

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प्रश्न

घास का छोटा-सा पौधा भी आसानी से क्यों नहीं निकल पाया, जबकि मटर की बेल के सहारे के लिए लगी डंडी एक झटके में गिर गई?

टीपा लिहा
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उत्तर

घास की जड़ें जमीन में गहराई तक जाकर पौधे को जमीन पर जमाए रखती है। इसलिए घास का छोटा पौधा भी आसानी से नहीं निकल पाता है जबकि मटर की बेल के सहारे के लिए लगी डंडी में कोई जड़ नहीं था, जो कि जमीन को पकड़कर रखती।

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जड़ों का जाल
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 19: जड़ों का जाल - प्रश्नावली [पृष्ठ १५८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
पाठ 19 जड़ों का जाल
प्रश्नावली | Q 1 | पृष्ठ १५८

संबंधित प्रश्‍न

अपने आस-पास कुछ पेड़-पौधे देखो। अंदाज़ा लगाओ, इनकी जड़ें कितनी गहरी होंगी?


तीन दिन बाद अब्दुल ने देखा कि मटर के पौधे का टूटा हुआ एक हिस्सा सूख गया था। चित्र को देखो। अंदाज़ा लगाओ, पौधे का कौन-सा हिस्सा सूखा होगा? क्यों?


मुरझाए हुए पौधों को पानी देने से उनकी पत्तियाँ फिर से हरी हो जाती हैं। कैसे?


तुम्हारे आस-पास किन पौधों को नियमित रूप से पानी देने की जरूरत होती है?

  • अगर इन पौधे को पानी न दें, तो क्या होगा?

अब्दुल का ध्यान इस बात पर गया कि उसने तो कभी नीम के पेड़ को पानी नहीं दिया। उसने सोचा, “नीम के पेड़ को पानी मिलता कहाँ से है?”


तुम्हारे आस-पास ऐसे कौन-से पेड़-पौधे हैं, जिन्हें पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्हें पानी कहाँ से मिलता है? कोई दो अंदाज़ लगाओ।


अब्दुल को यह सोचकर आश्चर्य हुआ, क्या मूली भी जड़ है। क्यों?


क्या तुमने कभी किसी दीवार की दरार से कोई पौधा उगते हुए देखा है?

  • कहाँ पर?
  • उसे देखकर क्या तुम्हारे मन में कोई सवाल उठा?
  • कुछ प्रश्न बताओ। अपने बड़ों से उनके उत्तर पता करो।
  • उस पौधे का नाम पता करो, जिसे तुमने देखा।

क्लास में तीन या चार बच्चों के समूह में बँट जाओ। इन चीजों को इकट्ठा  करो।

काँच का गिलास या चौड़े मुँह वाली बोतल, रुई, रबर-बैंड या धागा, कुछ दाने साबूत मूँग, गेहूँ, बाजरा, सरसों, चना या राजमा।

अब यह प्रयोग करो। हर समूह अलग-अलग प्रकार के बीज लें। एक ही तरह के (5-6) बीजों को एक कटोरी पानी में रात भर भिगो दो। एक काँच का गिलास या फिर चौड़े मुँह वाली बोतल लो। इसके मुँह पर रुई की एक तह गीली करके रखो। इसे रबर-बैंड या धागे से बाँध दो। भीगे हुए इन बीजों को गीली रुई पर रखो। ध्यान रखें कि रुई गीली रहे। इसे दस-बारह दिन तक रोज देखो। क्या बीजों में से कुछ निकलता हुआ दिखाई दे रहा है? पौधा चौथे और आठवें दिन कैसा दिखता है, उसका चित्र बनाओ।

इन प्रश्नों के उत्तर कॉपी में लिखो

  • सूखे और भिगोये हुए बीजों में क्या अंतर दिखे?
  • अगर रुई सूखी रह जाती, तो क्या होता?
  • जड़ किंस तरफ़ उगी? तना किस तरफ़ उगा?
  • ये पौधे रुई में कितने बड़े हो पाए?
  • क्या सभी बीजों में से पौधे निकले?
  • जड़ों का रंग क्या है?
  • क्या तुम्हें जड़ों पर बाल दिखाई दे रहे हैं?
  • इन पौधों को रुई से अलग करने की कोशिश करो। क्या अलग कर पाए? क्यों?
  • तुमने देखा कि जड़ों ने रुई को जकड़ा हुआ था। तुम क्या सोचते हो, क्या इसी तरह से जड़ें मिट्टी को जकड़े रहती हैं?
  • अपने दोस्तों के उगाये हुए पौधों को भी देखो।

  • क्या आप बरगद के पेड़ पर झूले हैं?
  • आपने झूलते समय क्या पकड़ रखा था?
  • क्या तुमने कभी कोई ऐसा पेड़ देखा है, जिसकी जड़ें, टहनियों से लटकती हों?

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