मराठी

क्या तुमने कभी किसी दीवार की दरार से कोई पौधा उगते हुए देखा है? कहाँ पर? उसे देखकर क्या तुम्हारे मन में कोई सवाल उठा? कुछ प्रश्न बताओ। अपने बड़ों से उनके उत्तर पता करो।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

क्या तुमने कभी किसी दीवार की दरार से कोई पौधा उगते हुए देखा है?

  • कहाँ पर?
  • उसे देखकर क्या तुम्हारे मन में कोई सवाल उठा?
  • कुछ प्रश्न बताओ। अपने बड़ों से उनके उत्तर पता करो।
  • उस पौधे का नाम पता करो, जिसे तुमने देखा।
थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

हाँ, मैंने एक पौधा देखा जो दीवार पर बढ़ गया है।

  • स्कूल की पीछे वाली चारदीवारी पर।
  • हाँ, उसे देखकर मेरे मन में एक सवाल उठा।
  • उस पौधे का बीज वहाँ किसने डाला?
    उत्तर: कौवा आदि पक्षियों ने उसके बीज को दीवार की दरार में डाला।
  • वह वट का पौधा है।
shaalaa.com
जड़ों का जाल
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 19: जड़ों का जाल - सवाल ही सवाल [पृष्ठ १६०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
पाठ 19 जड़ों का जाल
सवाल ही सवाल | Q 2 | पृष्ठ १६०

संबंधित प्रश्‍न

अपने आस-पास कुछ पेड़-पौधे देखो। अंदाज़ा लगाओ, इनकी जड़ें कितनी गहरी होंगी?


तीन दिन बाद अब्दुल ने देखा कि मटर के पौधे का टूटा हुआ एक हिस्सा सूख गया था। चित्र को देखो। अंदाज़ा लगाओ, पौधे का कौन-सा हिस्सा सूखा होगा? क्यों?


मुरझाए हुए पौधों को पानी देने से उनकी पत्तियाँ फिर से हरी हो जाती हैं। कैसे?


तुम्हारे आस-पास किन पौधों को नियमित रूप से पानी देने की जरूरत होती है?

  • अगर इन पौधे को पानी न दें, तो क्या होगा?

आजकल तो अब्दुल के दिमाग में पौधे ही घूमते हैं। उनके बारे में अनेकों सवाल उठते हैं।

स्कूल की दीवार से एक पौधा निकलते देखकर अब्दुल सोचने लगा-

  • इस पौधे की जड़ें कहाँ तक जा रही होंगी?
  • इसकी जड़ों को पानी कहाँ से मिलता होगा?
  • यह पौधा कितना बड़ा होगा?
  • दीवार का क्या होगा?
  • चित्र में दिखाए गए पौधे को पहचानो और नाम बताओ?

अब्दुल ने देखा कि रास्ते में एक बहुत बड़ा पेड़ गिरा हुआ था। उस पेड़ की कुछ टूटी हुई जड़ें भी दिखाई दीं। उसे अपने घर का नीम का पेड़ याद आ गया। उसने सोचा–

  • क्या इतने बड़े पेड़ को किसी ने उखाड़ा होगा या यह अपने आप ही गिर गया?
  • यह पेड़ कितना पुराना होगा?
  • चित्र में देखो, कैसे पेड़ के चारों तरफ़ की ज़मीन सीमेंट से पक्की की गई है। इसे बारिश का पानी कैसे मिलेगा?

क्लास में तीन या चार बच्चों के समूह में बँट जाओ। इन चीजों को इकट्ठा  करो।

काँच का गिलास या चौड़े मुँह वाली बोतल, रुई, रबर-बैंड या धागा, कुछ दाने साबूत मूँग, गेहूँ, बाजरा, सरसों, चना या राजमा।

अब यह प्रयोग करो। हर समूह अलग-अलग प्रकार के बीज लें। एक ही तरह के (5-6) बीजों को एक कटोरी पानी में रात भर भिगो दो। एक काँच का गिलास या फिर चौड़े मुँह वाली बोतल लो। इसके मुँह पर रुई की एक तह गीली करके रखो। इसे रबर-बैंड या धागे से बाँध दो। भीगे हुए इन बीजों को गीली रुई पर रखो। ध्यान रखें कि रुई गीली रहे। इसे दस-बारह दिन तक रोज देखो। क्या बीजों में से कुछ निकलता हुआ दिखाई दे रहा है? पौधा चौथे और आठवें दिन कैसा दिखता है, उसका चित्र बनाओ।

इन प्रश्नों के उत्तर कॉपी में लिखो

  • सूखे और भिगोये हुए बीजों में क्या अंतर दिखे?
  • अगर रुई सूखी रह जाती, तो क्या होता?
  • जड़ किंस तरफ़ उगी? तना किस तरफ़ उगा?
  • ये पौधे रुई में कितने बड़े हो पाए?
  • क्या सभी बीजों में से पौधे निकले?
  • जड़ों का रंग क्या है?
  • क्या तुम्हें जड़ों पर बाल दिखाई दे रहे हैं?
  • इन पौधों को रुई से अलग करने की कोशिश करो। क्या अलग कर पाए? क्यों?
  • तुमने देखा कि जड़ों ने रुई को जकड़ा हुआ था। तुम क्या सोचते हो, क्या इसी तरह से जड़ें मिट्टी को जकड़े रहती हैं?
  • अपने दोस्तों के उगाये हुए पौधों को भी देखो।

  • क्या आप बरगद के पेड़ पर झूले हैं?
  • आपने झूलते समय क्या पकड़ रखा था?
  • क्या तुमने कभी कोई ऐसा पेड़ देखा है, जिसकी जड़ें, टहनियों से लटकती हों?

आरिफ़ और रूपाली में आपस में बहस छिड़ गई कि ये-ये चीज़ें बढ़ती हैं।

आरिफ़ - पत्ते, मुन्ना, कली, पिल्ला, नाखून, गाड़ी

रूपाली - चाँद, पेड़, मैं, बाल, तरबूज़, मच्छर, कौआ

  • तुम्हें क्या लगता है, इनमें से कौन-कौन सी चीज़ें बढ़ती हैं?
  • तुम भी अपनी एक सूची बनाओ और लिखो। आपकी सूची में उन चीजों के नाम शामिल हो सकते हैं जो आरिफ़ और रूपाली की सूची में हैं।

तुम अपने बारे में सोचो, तुम किस-किस तरह से पिछले कुछ वर्षों में बदले हो, जैसे-

  • क्या तुम्हारी लम्बाई बढ़ी है? पिछले एक साल में कितनी?
  • सोचो, अगर तुमने अपने नाखून कभी काटे ही न होते, तो वे कितने बड़े होते। अपनी कॉपी में उनका चित्र बनाकर दिखाओ।
  • तुम्हारे शरीर की क्या ऐसी कोई चीज़ है, जो बढ़ती रहती है? क्या उसे समय-समय पर काटना पड़ता है?

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×