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प्रश्न
कार्ल मार्क्स का द्वंद्व सिद्धांत अथवा वर्गवाद स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में जर्मनी के कार्ल मार्क्स ने द्वंद्व सिद्धांत प्रतिपादित किया। उसके मतानुसार -
- इतिहास अमूर्त कल्पनाओं का न होकर सजीव मनुष्यों का होता है।
- मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उपलब्ध उत्पादन साधनों के स्वरूप एवं स्वामित्व पर मनुष्यों के पारस्परिक संबंध निर्भर होते हैं।
- समाज के सभी घटकों को समान मात्रा में उत्पादन के साधन नहीं मिलते। उत्पादन संसाधनों के असमान वितरण के कारण समाज के वर्ग पर आधारित विषम विभाजन होने पर वर्ग संघर्ष शुरू होता है।
- उत्पादन साधनों पर जिस वर्ग का अधिकार होता है, वह वर्ग अन्य वर्गों का आर्थिक शोषण करता है।
मानव इतिहास के वर्ग संघर्ष का इतिहास है।
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