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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

स्त्रीवादी इतिहास लेखन किसे कहते हैं? - History and Political Science [इतिहास और राजनीति विज्ञान]

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प्रश्न

स्त्रीवादी इतिहास लेखन किसे कहते हैं?

दीर्घउत्तर
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उत्तर

  1. महिलाओं के नजरिए से इतिहास के पुनर्गठन को ‘नारीवादी इतिहासलेखन’ के रूप में जाना जाता है। फ्रांसीसी विद्वान सीमाँ-द-बोवा के लेखन के माध्यम से नारीवाद के मूल सिद्धांतों की स्थापना की गई थी। 
  2. इसने इतिहास में महिलाओं को शामिल करने के साथ-साथ इतिहास के पुरुष प्रधान दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने पर जोर दिया।
  3.  नारीवादी इतिहासलेखन ने ऐतिहासिक शोध को महिलाओं के जीवन के कई पहलुओं जैसे उनके रोजगार, ट्रेड यूनियन में उनकी भूमिका, उनके हितों के लिए काम करने वाली संस्थाएँ, उनका पारिवारिक जीवन आदि पर विस्तार से ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। इसके कारण, 1990 के बाद, ऐतिहासिक लेखन में महिलाओं को एक स्वतंत्र सामाजिक वर्ग के रूप में चित्रित किया गया।
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महत्त्वपूर्ण विचारक
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.1: इतिहास लेखन : पश्चिमी परंपरा - स्वाध्याय [पृष्ठ ६]

APPEARS IN

बालभारती Itihas aur rajneeti vigyan [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 1.1 इतिहास लेखन : पश्चिमी परंपरा
स्वाध्याय | Q ५. (३) | पृष्ठ ६

संबंधित प्रश्‍न

________ को आधुनिक इतिहास लेखन का जनक कहा जाता है।


निम्न में से असत्य जोड़ी को पहचानकर लिखिए।


निम्न अवधारणाओं को स्पष्ट कीजिए।

द्वंद्ववाद


निम्न अवधारणाओं को स्पष्ट कीजिए।

एनल्स प्रणाली


निम्न कथनों को कारणसहित स्पष्ट कीजिए।

स्त्रियों के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार करने वाले अनुसंधान कार्य प्रारंभ हुए।


निम्न कथन को कारण सहित स्पष्ट कीजिए।

फूको की लेखन पद्धति को ज्ञान का पुरातत्त्व कहा है।


कार्ल मार्क्स का द्वंद्व सिद्धांत अथवा वर्गवाद स्पष्ट कीजिए।


संक्षिप्त टिप्पणि लिखिए:

वोलटेयिर


निम्न में से असत्य जोड़ी पहचानकर उसे सुधारिए और पुन: लिखिए:


"मानव का इतिहास वर्ग संघर्ष का इतिहास है'' यह मत ______ इस विचारक ने प्रस्तुत किया।


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