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प्रश्न
कार्ल मार्क्स का द्वंद्व सिद्धांत अथवा वर्गवाद स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में जर्मनी के कार्ल मार्क्स ने द्वंद्व सिद्धांत प्रतिपादित किया। उसके मतानुसार -
- इतिहास अमूर्त कल्पनाओं का नहीं, बल्कि जीवित मनुष्यों का होता है।
- मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु उपलब्ध उत्पादन साधनों के स्वरूप और स्वामित्व पर मनुष्यों के आपसी संबंध निर्भर करते हैं।
- समाज के सभी सदस्यों को समान मात्रा में उत्पादन के साधन प्राप्त नहीं होते। उत्पादन संसाधनों के असमान वितरण के कारण समाज में वर्ग आधारित विषम विभाजन उत्पन्न होता है, जिससे वर्ग संघर्ष शुरू होता है।
- उत्पादन साधनों पर अधिकार रखने वाला वर्ग अन्य वर्गों का आर्थिक शोषण करता है।
मानव इतिहास, वास्तव में, वर्ग संघर्ष का इतिहास है।
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द्वंद्ववाद
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निम्न संकल्पनाचित्र को पूर्ण कीजिए।

लियोपॉल्ड वॉन रांके के इतिहास विषयक दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।
संक्षिप्त टिप्पणि लिखिए:
वोलटेयिर
निम्न में से असत्य जोड़ी पहचानकर उसे सुधारिए और पुन: लिखिए:
"मानव का इतिहास वर्ग संघर्ष का इतिहास है'' यह मत ______ इस विचारक ने प्रस्तुत किया।
