मराठी

इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता में कोरी भावुकता न होकर जीवन में संचित किए अनुभवों की अनिवार्य सीख है? कविता के नाम के साथ कथन की पुष्टि के लिए उपयुक्त तर्क भी प्रस्तुत कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता में कोरी भावुकता न होकर जीवन में संचित किए अनुभवों की अनिवार्य सीख है? कविता के नाम के साथ कथन की पुष्टि के लिए उपयुक्त तर्क भी प्रस्तुत कीजिए।

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

इस सत्र में पढ़ी गई कविता 'कन्यादान' में कोरी भावुकता न होकर जीवन में संचित किए अनुभवों की अनिवार्य सीख है। कविता के कवी 'ऋतुराज' हैं। इस कविता में स्त्री जीवन के प्रति गहरी संवेदनशीलता की अभिव्यक्ति हुई है। यह कविता नारी को अपने अस्तित्व की रक्षा करने, आत्मसम्मान की रक्षा करने तथा अपने अधिकारीयों के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित करती है। कवी ने माँ की माध्यम से लड़की को यह व्यावहारिक सीख दी है कि लड़की होकर भी किसी के सामने लड़की जैसी दिखाई मत देना। माँ चाहती है कि उसकी बेटी ससुराल में जाकर सौंदर्य और वस्त्राभूषण के भ्रमजाल में न पड़े। वह मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करे।

shaalaa.com
कन्यादान
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2021-2022 (March) Term 2 Sample

संबंधित प्रश्‍न

आपके विचार से माँ ने ऐसा क्यों कहा कि लड़की होना पर लड़की जैसी मत दिखाई देना?


माँ को अपनी बेटी 'अंतिम पूँजी' क्यों लग रही थी?


माँ ने बेटी को क्या-क्या सीख दी?


आपकी दृष्टि में कन्या के साथ दान की बात करना कहाँ तक उचित है?


वैवाहिक संस्कार में कन्यादान खुशी का अवसर माना जाता है, पर यहाँ माँ दुखी क्यों थी?


लड़की की माँ की चिंता के क्या कारण थे?


कुछ तुकों और लयबद्ध पंक्तियों के आधार पर कन्या की मनोदशा स्पष्ट कीजिए।


‘आग रोटियाँ सेंकने के लिए है जलने के लिए नहीं’ कहकर कवयित्री ने समाज पर क्या व्यंग्य किया है?


‘कन्यादान’ कविता में नारी सुलभ किन कमजोरियों की ओर संकेत किया गया है?


‘कन्यादान’ कविता में माँ द्वारा जो सीख दी गई हैं, वे वर्तमान परिस्थितियों में कितनी प्रासंगिक हैं, स्पष्ट कीजिए।


इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता की अंतिम पंक्तियाँ आपको प्रभावित करती हैं और क्यों? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।


वर्तमान में ‘कन्यादान’ जैसी परंपरा के औचित्य-अनौचित्य पर अपने तर्कसंगत विचार लिखिए।


‘कन्यादान’ कविता में माँ की परंपरागत छवि से हटकर नए दृष्टिकोण से विचार किया गया है। उसमें नया क्या है? आप उन विचारों से कहाँ तक सहमत हैं और क्यों?


‘आग’ के विषय में माँ बेटी को क्या समझा रही है और क्यों? ‘आग’ के संकेत से कविता किस सामाजिक बुराई की ओर भी इशारा करती है? उल्लेख कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×