Advertisements
Advertisements
प्रश्न
'पाठिका थी वह धुँधले प्रकाश की
कुछ तुकों और कुछ लयबद्ध पंक्तियों की'
इन पंक्तियों को पढ़कर लड़की की जो छवि आपके सामने उभरकर आ रही है उसे शब्दबद्ध कीजिए।
Advertisements
उत्तर
कविता की इन पंक्तियों से लड़की की कुछ विशेषताओं पर प्रकाश पड़ता है। ये निम्नलिखित हैं -
- वह आदर्शवादी है, जीवन की सच्चाईयों से अंजान है।
- वह अभी पढ़ने वाली छात्रा ही है, उसकी उम्र कम है।
- वह अपने भावी जीवन की कल्पनाओं में खोई हुई है।
संबंधित प्रश्न
आपके विचार से माँ ने ऐसा क्यों कहा कि लड़की होना पर लड़की जैसी मत दिखाई देना?
माँ को अपनी बेटी 'अंतिम पूँजी' क्यों लग रही थी?
माँ ने बेटी को क्या-क्या सीख दी?
आपकी दृष्टि में कन्या के साथ दान की बात करना कहाँ तक उचित है?
वैवाहिक संस्कार में कन्यादान खुशी का अवसर माना जाता है, पर यहाँ माँ दुखी क्यों थी?
लड़की की माँ की चिंता के क्या कारण थे?
कुछ तुकों और लयबद्ध पंक्तियों के आधार पर कन्या की मनोदशा स्पष्ट कीजिए।
‘कन्यादान’ कविता में ऐसा क्यों कहा गया है कि लड़की को दुख बाँचना नहीं आता?
‘आग रोटियाँ सेंकने के लिए है जलने के लिए नहीं’ कहकर कवयित्री ने समाज पर क्या व्यंग्य किया है?
‘कन्यादान’ कविता में माँ द्वारा जो सीख दी गई हैं, वे वर्तमान परिस्थितियों में कितनी प्रासंगिक हैं, स्पष्ट कीजिए।
‘कन्यादान’ कविता का प्रतिपाद्य लिखिए।
इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता की अंतिम पंक्तियाँ आपको प्रभावित करती हैं और क्यों? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।
‘कन्यादान’ कविता में शाब्दिक भ्रम किसे और क्यों कहा गया है?
वर्तमान में ‘कन्यादान’ जैसी परंपरा के औचित्य-अनौचित्य पर अपने तर्कसंगत विचार लिखिए।
‘कन्यादान’ कविता में माँ की परंपरागत छवि से हटकर नए दृष्टिकोण से विचार किया गया है। उसमें नया क्या है? आप उन विचारों से कहाँ तक सहमत हैं और क्यों?
