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फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो g o g ज्ञात कीजिए:

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प्रश्न

फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो g o g ज्ञात कीजिए:

बेरीज
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उत्तर

दिया गया है, f(x) = x2 + 3x + 1, g(x) = 2x – 3

gog = g(g(x))

= g(2x – 3)

= 2(2x – 3) – 3

= 4x – 6 – 3

= 4x – 9

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संबंध एवं फलन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: संबंध एव फलन - प्रश्नावली [पृष्ठ १४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
पाठ 1 संबंध एव फलन
प्रश्नावली | Q 25. (iv) | पृष्ठ १४

संबंधित प्रश्‍न

यदि f(x) = x2 तो `(f(1.1) - f(1))/((1.1 - 1))` ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए a * b = ab2


मान लीजिए कि R प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक संबंध है, जो nRm यदि n विभाजित करता है m को, द्वारा परिभाषित है, तो R


समुच्चय A में 3 अवयव हैं तथा समुच्चय B में 4 अवयव हैं, तो A से B में परिभाषित एकैक प्रतिचित्रणों की संख्या


समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f आच्छादी है तो f तथा g भी आच्छादी हैं। 


यदि A = {a, b, c, d} तथा फलन f = {(a, b), (b, d), (c, a), (d, c)} तो f –1 लिखिए।


यदि f : R → R, f (x) = x2 – 3x + 2 द्वारा परिभाषित है, तो f (f (x)) लिखिए।


क्या g = {(1, 1), (2, 3), (3, 5), (4, 7)} एक फलन है? यदि g, g (x) = αx + β द्वारा वर्णित है, तो α तथा β का मान क्या निर्धारित होना चाहिए?


क्या क्रमित युग्मों का निम्लिखित समुच्चय, फलन हैं? यदि ऐसा है, तो जाँच कीजिए कि प्रतिचित्रण एकैक अथवा आच्छादि हैं कि नहीं हैं।

{(x, y): x एक व्यक्ति है, y माँ है x की}


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

g = {(1, 4), (2, 4), (3, 4)}


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

h = {(1,4), (2, 5), (3, 5)}


मान लीजिए f: R → R f(x) = `1/(2 - cosx)` x R द्वारा परिभाषित एक फलन है। तो , f का परिसर ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि R, प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित एक संबंध है।

R = {(x, y): x ∈ N, y ∈ N, 2x + y = 41}। संबंध R का प्रांत तथा परिसर ज्ञात कीजिए। साथ ही सत्यापित (जाँच) कीजिए कि क्या R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।


एक ऐसे प्रतिचित्रण का उदाहरण दीजिए जो -

एकैकी नहीं है किंतु आच्छादक है।


मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

f(x) = `x/2`


मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

h(x) = x|x|


निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x + y = 10, x, y ∈ N

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।


निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x y किसी पूर्णाक का वर्ग है,  x, y ∈ N

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।


मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = a – b ∀ a, b ∈ Q


मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = (a – b)2 ∀ a, b ∈ Q


मान लीजिए कि T, यूक्लिडिय समतल में, सभी त्रिभुजों का समुच्चय है तथा मान लीजिए कि T में एक संबंध R इस प्रकार परिभाषित है कि aRb, यदि a सर्वांगसम है b के, ∀ a, b ∈ T, तो R ______


मान लीजिए कि A = {1, 2, 3} संबंध R = {1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 3), (1,3)}, पर विचार कीजिए, तो R _________ है।


माना लीजिए कि A = {1, 2, 3, ...n} तथा B = {a, b}। तो A से B में आच्छादी प्रतिचित्रों (प्रतिचित्रणों) की संख्या _________ है।


मान लीजिए f: [0, 1] → [0, 1] f(x) =`[(x, "यदि"  x  "परिमेय है")/(1-x  "यदि"  x  "अपरिमेय है")]`

द्वारा परिभाषित है, तो (f o f) x ______ है।  


मान लीजिए f: N → R f(x) = `(2x - 1)/2` द्वारा परिभाषित एक फलन है तथा g: Q → R g(x) = x + 2 द्वारा परिभाषित एक अन्य फलन है। तो (g o f) ` 3/2` ______ है।


मान लीजिए A = {0, 1} और N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो f(2n – 1) = 0, f(2n) = 1, ∀ n∈ N द्वारा परिभाषित प्रतिचित्रण f: N → A आच्छादक है।


समुच्चय A = {1, 2, 3} में R = {{1, 1), (1, 2), (2, 1), (3, 3)} प्रकार से परिभाषित संबंध R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।


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