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“अच्छी मालन, मेरे बन्ने का बना ला सेहरा,बागे जन्नत गई मालन मेरी फूलों के लिए,फूल न मिलें तो कलियों का बना ला सेहरा।” क्या तुम बता सकते हो कि ऊपर दिया गया गीत कब गाया जाता होगा?

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प्रश्न

“अच्छी मालन, मेरे बन्ने का बना ला सेहरा,
बागे जन्नत गई मालन मेरी फूलों के लिए,
फूल न मिलें तो कलियों का बना ला सेहरा।”

क्या तुम बता सकते हो कि ऊपर दिया गया गीत कब गाया जाता होगा?

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

इस तरह के गीत शादी के अवसर पर गाए जाते हैं।

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फुलवारी
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: फुलवारी - बताओ [पृष्ठ ९२]

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एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
पाठ 11 फुलवारी
बताओ | Q 1 | पृष्ठ ९२

संबंधित प्रश्‍न

क्या तुम्हारे घर में कुछ ऐसी चीज़ें हैं, जिनपर फूलों के डिज़ाइन बने हों, जैसे- कपड़े, चादर, फूलदान आदि?


क्या ऐसे पेड़-पौधे भी हैं, जिन पर फूल कभी नहीं आते। पता करके लिखो।


जो बच्चे फूल ला सकते हैं, वे कक्षा में एक-दो फूल लाएँ। ध्यान रहे कि पेड़-पौधों से गिरे हुए फूल ही इकट्ठे करने हैं। तोड़ने नहीं हैं। तीन-चार बच्चों के समूह बनाओ और किसी एक फूल को ध्यान से देखो और लिखो-

  • फूल किस रंग का है?
  • इसकी खुशबू कैसी है?
  • आकार कैसा है? घंटी जैसा, कटोरी जैसा, बुश जैसा या कुछ और?
  • क्या ये फूल गुच्छे में हैं?
  • इसकी पँखुड़ियाँ कितनी हैं?
  • पँखुड़ियाँ आपस में जुड़ी हैं या अलग-अलग हैं?
  • पँखुड़ियों के बाहर क्या तुम्हें हरी पत्ती जैसा कुछ नज़र आ रहा है? ये कितने हैं?
  • पँखुड़ियों के अंदर, बीच में क्या कुछ पतली सी चीज़ें दिखाई दे रही हैं? ये किस रंग की हैं?
  • उनको छूने से क्या कुछ पाउडर जैसा हाथ में लग रहा है?

कली और फूल में क्या-क्या अंतर है?


क्या तुम बता सकते हो कि एक कली कितने दिनों में खिलकर फूल बनती होगी?

  1. किसी एक पौधे पर लगी कली चुनो और उसे रोज़ देखो। उस पौधे का नाम भी लिखो।
  2. जब तुमने कली देखी, तो तारीख ______ थी और वह कली जब फूल बनी तो तारीख थी ______। कली को फूल बनने में कितने दिन लगे?
  3. अपने दोस्तों से पूछो, उन्होंने कौन-कौन से फूल देखे? उनकी कलियों को फूल बनने में कितना समय लगा?
  4. तुम यह भी देख सकते हो कि वह फूल कितने दिनों में मुरझाया?

क्या तुम जानते हो फूल खाए भी जाते हैं? बहुत से फूलों की सब्जी बनती है।


“अच्छी मालन, मेरे बन्ने का बना ला सेहरा,
बागे जन्नत गई मालन मेरी फूलों के लिए,
फूल न मिलें तो कलियों का बना ला सेहरा।”

क्या तुम्हें या घर में किसी और को ऐसे गीत आते हैं?


फूलों के बारे में गीत, कविता आदि इकट्ठी करो। उनको कागज़ पर लिखकर कक्षा में लगाओ।


कुछ त्योहारों अथवा अवसरों पर क्या तुम्हारे घर के बड़े कोई खास तरह के फूल इस्तेमाल करते हैं? पता करो और तालिका में लिखो।

त्योहार/अवसर खास फूल का नाम
   
   
   
   
   

तुम पाँच या छह के समूह में बँटकर यह कर सकते हो।

  • पेड़-पौधों से गिरे हुए फूलों को इकट्ठा करो और क्लास में लाओ।
  • इन फूलों को पुराने अखबार के पन्नों के बीच में ठीक से फैला कर रखो।
  • हर परत में फूल इस तरह रखना कि एक-दूसरे से चपके नहीं।
  • अब इस अखबार को किसी भारी चीज़ से दबा कर दस-पंद्रह दिन के लिए एक ही जगह रखा रहने दो।
  • इसके बाद फूलों को ध्यान से निकालो और किसी पुरानी कॉपी या पुराने अखबार में चिपकाओ। इन फूलों को पन्नों पर अलग-अलग तरीके से चिपकाया जा सकता है।
  • तुम इन सूखे हुए फूलों से सुंदर कार्ड भी बना सकते हो।

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