Advertisements
Advertisements
प्रश्न
आज़ादी से पहले किसानों की समस्याएँ निम्नलिखित थीं-"गरीबी, कर्ज़, निहित स्वार्थ, ज़मींदार, महाजन, भारी लगान और कर, पुलिस के अत्याचार..." आपके विचार से आजकल किसानों की समस्याएँ कौन-कौन सी हैं?
Advertisements
उत्तर
आज़ादी से पहले जो समस्याएँ निहित थीं उनमें से कई समस्याओं का उन्मूलन हो गया है। पर परिस्थितियाँ आज भी नहीं बदली है। आज के किसानों को उसी प्रकार विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वो समस्याएँ इस प्रकार हैं -
(1) कल की तुलना में किसान आज भी गरीब हैं, खेती करने के लिए आवश्यक चीजें कर पाना उसके बस में नहीं हैं। पहले हल से खेतों को जोता जाता था, परन्तु आज बोने, कटाई व सफ़ाई के लिए अत्य आधुनिक मशीनें आ गई हैं जिसके अभाव में पैदावार पर बुरा असर पड़ रहा है और उसकी स्थिति जस की तस है।
(2) पहले की तुलना में जलवायु परिवर्तन से उसकी पैदावार को गहरा नुकसान हुआ है। सही समय पर वर्षा ना हो पाना जिसके कारण सूखा पड़ जाना या फिर अत्याधिक वर्षा के कारण खड़ी फसल खराब हो जाना जैसे कारणों से किसानों के लिए विकट समस्याएँ उत्पन्न होने लगी हैं।
(3) सिंचाई के साधनों के अभाव के कारण किसानों की फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में जल का प्रबन्ध न होने के कारण पैदावार को हानि पहुँचती है। मौसम पर निर्भर रहकर वह अपनी पैदावार नहीं बढ़ा सकता है।
(4) अपनी पैदावार को बढ़ाने के लिए उसे उन्नत बीज नहीं मिल पा रहे हैं।
(5) हर साल अपनी पैदावार को बढ़ाने के लिए किसानों को रूपयों की ज़रूरत पड़ती है। वह इसके लिए दिन-प्रतिदिन कर्ज़ लेता रहता है और धीरे-धीरे कर्ज़ का दबाव इतना बढ़ जाता है कि मजबूरन उन्हें कोई गलत फैसला भी लेना पड़ जाता है। कई बार तो यह भी देखा गया है कि किसान आत्महत्या भी कर लेते हैं। कर्ज़ का बोझ बढ़ते जाना और पैदावार का न के बराबर होना ये सबसे बड़ी समस्या के रूप में उभर कर सामने आया है।
(6) सरकार द्वारा किसानों की स्थिति को उभारने के कई प्रयास हुए हैं। परन्तु वे सब प्रयास निरर्थक ही साबित हुए। हर बार जब नई सरकार बनती है वह किसानों से कई वादे करती है परन्तु सरकार बनने के पश्चात् उनके लिए कुछ नहीं करती जिससे उनके वादे मात्र थोथे वादे बनकर रह जाते हैं, किसानों की स्थिति और दयनीय हो जाती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कमरे में फिर से शोर होने पर भी पिताजी अबकी बार गौरैया की तरफ़ देखकर मुसकुराते क्यों रहे?
अब अपने घर के बारे में सोचो। तुम्हारे घर में यदि गौरैया आना चाहे तो वह कहाँ-कहाँ से अंदर घुस सकती है? इसे अपने शिक्षक को बताओ।
तुम्हारी भेंट-मुलाकात अक्सर कुछ ऐसे लोगों से भी होती होगी या हो सकती है जिनकी आँखें नहीं होतीं, जो बोल और सुन नहीं सकते। कुछ वैसे भी लोग होंगे या हो सकते हैं जो हाथ-पैर या अपने किसी अन्य अंग से सामान्य मनुष्य की तरह काम नहीं कर सकते। अब तुम बताओ कि–
(क) यदि तुम्हें किसी गूँगे व्यक्ति से कुछ समझना हो तो क्या करोगे?
(ख) यदि तुम्हें किसी बहरे व्यक्ति को कुछ बताना हो तो क्या करोगे?
(ग) यदि तुम्हें किसी अंधे व्यक्ति को कुछ बताना हो तो क्या करोगे?
(घ) किसी ऐसे व्यक्ति के साथ खेलने का अवसर मिल जाए जो चल फिर नहीं सकता हो तो क्या करोगे?
अपने मनपसंद व्यंजन को बनाने का तरीका पता करो और लिखो।
|
सामग्री- विधि- |
खेती से प्राप्त होने वाले बहुमूल्य सामानों की सूची बनाओ और उस सूची में से जो सामान तुम्हारे प्रदेश की खेती से प्राप्त होता है उसका भी अलग से उल्लेख करो।
पर्दे की आड़ में खड़े अन्य साथी मन-ही-मन राकेश की तुरतबुद्धि की प्रशंसा क्यों कर रहे थे?
श्री राम राजू कौन था? उसने अंग्रेज़ों के सामने आत्मसमर्पण क्यों किया?
तुम भी कभी क्षमायाचना और शिकायतों का व्यवहार करते होगे। बताओं वह कौन-कौन से अवसर होते हैं और किन-किन चीज़ों के बारे में किस-किस से तुम क्षमा याचना और शिकायत करते हो?
मारिया को समुद्र में प्लास्टिक के द्वीप और धरती को खराब करने वाली चीज़ों से चिंता हुई है। क्या तुम्हें भी अपने आस-पास में फैली गंदगी, कूड़े-कचरे के ढेर और तुम्हारे वातावरण को खराब करने वाली चीज़ों को देखकर चिंता होती है? कारण सहित उत्तर दो।
वल्ली शहर देखने के लिए बस से उतर जाती और बस वापिस चली जाती?
मशीनी युग से बदलू के जीवन में क्या बदलाव आया?
पत्र को खत, कागद, उत्तरम्, जाबू, लेख, कडिद, पाती, चिट्ठी इत्यादि कहा जाता है। इन शब्दों से संबंधित भाषाओं के नाम बताइए।
कबीर घास की निंदा करने से क्यों मना करते हैं। पढ़े हुए दोहे के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
मुहावरों के प्रयोग से भाषा आकर्षक बनती है। मुहावरे वाक्य के अंग होकर प्रयुक्त होते हैं। इनका अक्षरश: अर्थ नहीं बल्कि लाक्षणिक अर्थ लिया जाता है। पाठ में अनेक मुहावरे आए हैं। टोपी को लेकर तीन मुहावरे हैं; जैसेकितनों को टोपी पहनानी पड़ती है। शेष मुहावरों को खोजिए और उनका अर्थ ज्ञात करने का प्रयास कीजिए।
लेखक को ओस की बूंद कहाँ मिली?
पानी की कहानी में लेखक ने कल्पना और वैज्ञानिक तथ्य का आधार लेकर ओस की बूंद की यात्रा का वर्णन किया हैओस की बूंद अनेक अवस्थाओं में सूर्यमंडल, पृथ्वी, वायु, समुद्र, ज्वालामुखी, बादल, नदी और जल से होते हुए पेड़ के पत्ते तक की यात्रा करती हैइस कहानी की भाँति आप भी लोहे अथवा प्लास्टिक की कहानी लिखने का प्रयास कीजिए।
'चिट्ठियों में यूरोप' इस पत्र के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -
'चिट्ठियों में यूरोप' इस पत्र का लेखक किस शहर/देश की यात्रा पर गया था?
इसी पुस्तक के किसी पाठ में है कि कुछ लोगों को कोई खास वस्तु इकट्ठा करने का शौक होता है। कुछ लोग गुड़िया, पुस्तकें, चित्र तो कुछ लोग डाक-टिकट इकट्ठे करते हैं।
- यदि तुम्हें भी कोई चीज़ इकट्ठा करने का शौक है, तो उसके बारे में अपने साथियों को बताओ।
- अपने या अपने किसी परिचित के बारे में लिखो जो इस तरह की चीज़ें इकट्ठा करता हो। तुम इन चीज़ों के बारे में लिख सकते हो -
(क) उन्हें कौन-सी चीज़ इकट्ठा करने का शौक है?
(ख) वे इन्हें कहाँ-कहाँ से इकट्ठा करते हैं?
(ग) उनके इस शौक की शुरुआत कैसे हुई?
(घ) वे इकट्ठी की गई चीज़ों को कैसे सँभालकर रखते हैं?
(ङ) इन चीज़ों को इकट्ठा करने और रखने में कौन-कौन सी समस्याएँ होती हैं?
नीचे लिखे वाक्य को पढ़कर प्रश्न के उत्तर दो।
“राकेश मंच पर पहुँच गया। सब चुप हो गए, सकपका गए।”
तुम्हारे विचार से राकेश जब मंच पर पहुँचा, बाकी सब कलाकार क्यों चुप हो गए होंगे?
